ताज़ा खबर
 

कैप्टन अमरिंदर पर भड़के सिद्धू, पूछा- बेहाल कांग्रेस के लिए अकेला मैं ही क्यों जिम्मेदार?

सिद्धू ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने मेरे विभाग में महापौर नियुक्त किया और मुझसे पूछा तक नहीं गया। वो कुछ भी कर सकते हैं और हम उनसे सवाल तक नहीं कर सकते। वो जो कहेंगे वो ही हमें करना पड़ेगा।

Author चंडीगढ़ | May 31, 2019 11:23 AM
नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

Lok Sabha Election 2019 के दौरान पंजाब कांग्रेस में खुलकर सामने आई अंदरूनी कलह अब भी जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की जुबानी जंग जारी है। कांग्रेस के बुरे प्रदर्शन के बाद कैप्टन के वार पर भड़के सिद्धू ने भी अब पलटवार किया है। गुरुवार (30 मई) को सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस के प्रदर्शन की सामूहिक जिम्मेदारी लेने की बजाय अकेले मुझे क्यों निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि पंजाब में कांग्रेस 8 सीटें जीतने में कामयाब रही है।

सिद्धू ने कहा, ‘आठ-नौ लोगों का एक समूह बार-बार निशाना बना रहा है। मैंने कभी नहीं सुना कि खराब प्रदर्शन के लिए पूरी सरकार में सिर्फ एक ही शख्स जिम्मेदार है। अगर कोई उंगली उठी है तो वो उन्हीं (मुख्यमंत्री) पर उठी है। मैं कुछ नहीं कह सकता।’ सिद्धू का यह बयान अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आया। वो कैप्टन अमरिंदर के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि सिद्धू अपना विभाग (शहरी विकास) ठीक से नहीं देख पाए जिसकी वजह से शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस प्रदर्शन औसत से नीचे रहा। कैप्टन ने यह भी कहा था कि सिद्धू के काम नहीं कर पाने की बात चुनाव के नतीजे आने के बाद पार्टी आलाकमान के सामने रखी जाएगी।

सिद्धू ने कहा, ‘आज तक मैंने उन कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला जिन्होंने बठिंडा लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी की हार, अमृतसर रेल हादसे या करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए मुझे दोषी ठहराया। लेकिन अब चीजें बहुत आगे निकल चुकी हैं। सामूहिक जिम्मेदारी लेने की बजाय सरकार के 50 में से सिर्फ एक मेरे विभाग पर उंगली उठाई गई।’

National Hindi News, 31 May 2019 LIVE Updates: पढ़ें आज की बड़ी खबरें

स्थानीय निकायों के विभागों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं बिना पतवार की नाव और सिर कटे मुर्गे की तरह विभाग चला रहा हूं। मैंने ही परफॉर्मेंस के लिए एक विजन बनाकर सभी को एकजुट किया जिसकी वजह से कांग्रेस ने उन सभी आठ लोकसभा क्षेत्रों के शहरी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया जहां पार्टी को जीत मिली।

सिद्धू ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने मेरे विभाग में महापौर नियुक्त किया और मुझसे पूछा तक नहीं गया। वो कुछ भी कर सकते हैं और हम उनसे सवाल तक नहीं कर सकते। वो जो कहेंगे वो ही हमें करना पड़ेगा। वो मुझे कभी भी कॉल कर सकते हैं और कुछ भी पूछ सकते हैं। मैंने उन्हें जवाब दिया है।’

‘रुख से डिगा तो मैं सिद्धू नहीं’: सिद्धू ने कहा, ‘चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 70 बार मेरे घर पर आए। मुझसे बोले मुख्यमंत्री ने कहा मैं (सिद्धू) उनके लिए बेटे जैसा हूं। वो ही जानते हैं मैं उनका बेटा हूं या नहीं। वो मुझसे बड़े हैं और मैंने कभी उनके खिलाफ नहीं बोला। मैंने कहा कि जिन्होंने भी कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा उन्हें सबक मिलना चाहिए। अगर मैं अपने रुख से डिगा तो मैं नवजोत सिंह सिद्धू नहीं। मैं अपने बयानों पर कायम हूं।’

अपनी उपलब्धियों पर बोले सिद्धूः बतौर मंत्री अपनी उपलब्धियों पर सिद्धू ने कहा, ‘जब मैंने कुर्सी संभाली तब विभाग के पास पांच पैसे भी नहीं थे। विभाग में कोई जवाबदेही या विजन नहीं था। अब करीब छह हजार करोड़ रुपए के काम पाइपलाइन में हैं। अमृत योजना, सीवेज प्लांट, पाइपलाइन फिटिंग इनमें अब बहुत सारा फंड है। क्या अमृतसर, पटियाला, लुधियाना वो शहर नहीं हैं जहां कांग्रेस को जीत मिली?’

पार्टी छोड़ने के सवाल पर यूं दी प्रतिक्रियाः सरकार में अपने विभाग में बदलाव पर उन्होंने कहा, ‘अगर अमरिंदर सिंह को मुझ पर भरोसा नहीं है तो वो मुख्यमंत्री हैं, मुझसे बड़े हैं, वो तय करेंगे। मैं भी तय करूंगा और फैसला भी लूंगा। अगर मैंने कोई गलती की है तो मैं सौ बार स्वीकार करने को तैयार हूं।’ पार्टी छोड़ने के सवाल पर सिद्धू ने कहा, ‘सितारों के आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App