Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शिरोमणि अकाली दल ने विधानसभा के अंदर शराब पीकर आने का आरोप लगाया है। इस संबंध में अकाली दल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल से सीएम मान का एक वीडियो भी जारी किया और इस कृत्य को शर्मनाक बताया। दूसरी ओर BJP ने भी इसे संविधान और विधानसभा की मर्यादा का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री की आलोचना की है। वहीं, इन आरोपों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।

दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक एक्स पर वीडियो जारी करते हुए शिरोमणि अकाली दल ने लिखा, “यह अत्यंत शर्मनाक बात है कि भगवंत मान, आज ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर मुख्यमंत्री शराब पीकर विधानसभा के पवित्र कक्ष में पहुंचे। आप स्वयं देख सकते हैं कि मुख्यमंत्री विधानसभा में कैसा व्यवहार कर रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल मुख्यमंत्री के इस आचरण की कड़ी निंदा करता है और कहता है कि उन्हें इस दिन शराब पीकर नहीं आना चाहिए था।”

अकाली दल ने की डोप टेस्ट की मांग

अकाली दल ने अपने पोस्ट में लिखा, “शिरोमणि अकाली दल मांग करता है कि मुख्यमंत्री का आज पूरे पंजाब के सामने डोप टेस्ट कराया जाए ताकि पंजाबियों को भी सच्चाई पता चल सके।” अकाली दल से इतर कांग्रेस ने भी सीएम भगवंत मान पर शराब पीकर विधानसभा आने के आरोप लगाए और सदन से वॉकआउट किया।

सीएम भगवंत मान ने दी प्रतिक्रिया

सीएम भगवंत मान ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने विधानसभा में कहा, “मई दिवस के लिए सत्र की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन कांग्रेस हमेशा वॉकआउट करने के बहाने ढूंढ लेती है।” वहीं स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने डोप टेस्ट या किसी भी तरह की जांच वाली विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों पर कहा, “उनके पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। किस तरह का टेस्ट किया जाना चाहिए?” उन्होंने शराब पीने वाले आरोपों को खारिज कर दिया। दूसरी ओर विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरों पर सीएम मान ने कहा, “आप के 65 या 40 विधायकों के पार्टी छोड़ने की अटकलों पर आज विराम लग गया है।

कांग्रेस विधायक के मोबाइल यूज करने से शुरू हुआ विवाद

बता दें कि मजदूर दिवस के अवसर पर एक प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाया गया दिन भर का विशेष सत्र सौहार्दपूर्ण माहौल में शुरू हुआ था, लेकिन सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सीएम भगवंत मान की आपत्ति के बाद विवाद हो गया।

सीएम भगवंत मान ने बताया कि सदन में मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए, जिसके तहत किसी को भी पैर मोड़कर नहीं बैठना चाहिए। इस पर खैरा ने पलटवार करते हुए कहा कि मान की पत्नी पिछले सत्र में दर्शक दीर्घा में पैर मोड़कर बैठी थीं। इस पर सीएम मान ने कहा, “उन्होंने अपनी गलती सुधार ली। वह सदन की सदस्य नहीं हैं। आप मेरी बेटी को भी निशाना बना रहे हैं। ये बकवास करता है स्पीकर साहब। विधानसभा के खर्चे पर उसका इलाज होना चाहिए।”

कांग्रेस ने भी लगाया आरोप, डोप टेस्ट की मांग की

इसके कुछ ही देर बाद जब आधिकारिक प्रस्ताव पर बहस जारी थी, तो कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया कि मान सदन में नशे की हालत में मौजूद थे। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने उनके इस आरोप का समर्थन किया और उपस्थित सभी सदस्यों की शराब जांच कराने की मांग की।

नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा, “माननीय सदस्य ने राज्य प्रमुख पर बहुत गंभीर आरोप लगाया है। यदि यह सच है, तो यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है। आप सदन के संरक्षक हैं; मेरा अनुरोध है कि दरवाजे बंद कर दें और उपस्थित सभी सदस्यों का अल्कोहल परीक्षण कराएं।” इसके कुछ ही समय बाद सदन में हंगामा मच गया जिसमें सत्ता पक्ष के विधायक मान के समर्थन में एकजुट हो गए और विपक्षी विधायक लगातार नारे लगाते रहे, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

कम हो गया सीएम का आत्मविश्वास – बाजवा

विधानसभा के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस विधायक खैरा ने अपने आरोपों को दोहराया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सदन में नशे की हालत में मौजूद थे। खैरा ने यह भी आरोप लगाया कि वे कई अन्य कार्यक्रमों में भी नशे में थे। बाजवा ने कहा, “मुख्यमंत्री का आत्मविश्वास कम हो गया है और कभी-कभी ऐसी स्थिति में आप कुछ नशीले पदार्थों का सेवन करने लगते हैं लेकिन उन्हें इस हालत में सदन में नहीं आना चाहिए था।”

सुनील जाखड़ ने की ब्रेथलाइजर टेस्ट की मांग

इस मुद्दे पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “पंजाब विधानसभा को लोकतंत्र का मंदिर माना जाता है। अगर कोई शराब के नशे में मंदिर या गुरुद्वारे में प्रवेश करता है, तो यह अपमान और अनादर है। अगर सरकार नशे की हालत में विधानसभा में आती है, और मैं सत्ता के नशे की बात नहीं कर रहा हूं। अगर सरकार नशे की हालत में विधानसभा में आती है, तो मेरा मानना ​​है कि यह न केवल बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान का अपमान है, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर का भी अपमान है।

सुनील जाखड़ ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान आज फ्लोर टेस्ट कराएं या न कराएं। मेरी एक ही गुजारिश है, आज के विशेष सत्र के महत्व को देखते हुए सभी नेताओं का ब्रेथलाइजर टेस्ट जरूर होना चाहिए। अगर सभी नेताओं का ब्रेथलाइजर टेस्ट हो जाता है, तो फ्लोर टेस्ट की कोई जरूरत नहीं होगी।”

राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण बोर्ड का छापा, राघव चड्ढा के साथ हुए थे BJP में शामिल

पद्म श्री से सम्मानित और ट्राइडेंट ग्रुप के मानद अध्यक्ष राजिंदर गुप्ता आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए थे। इसके कुछ ही दिनों बाद पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दस से ज्यादा अधिकारियों की एक टीम ने गुरुवार को धौला स्थित ग्रुप की यूनिट पर छापा मारा। पढ़िए पूरी खबर…