पंजाब में हुए स्थानीय निकाय के चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर की लड़ाई और खुलकर सामने आई है। चुनाव नतीजों के बाद दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं की एक बैठक हुई। इसमें भी कांग्रेस की अंदरूनी कलह सामने आई।
निकाय चुनाव में राज्य में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है।
निकाय चुनाव में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गढ़ गिद्दड़बाहा में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। यहां नगर पालिका परिषद के 19 में से 17 वार्ड में आम आदमी पार्टी को जीत मिली है। गिद्दड़बाहा में कांग्रेस की हार को जालंधर के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उठाया है।
दूसरी ओर, चन्नी के असर वाले इलाकों- चमकौर साहिब और मोरिंडा में कांग्रेस को जीत मिली है।
चन्नी ने पूछा सवाल
निकाय चुनाव के बाद दिल्ली में हुई कांग्रेस नेताओं की बैठक में तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। चन्नी ने पूछा कि जब गिद्दड़बाहा में ही पार्टी हार गई है तो पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कैसे करेगी?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग ने आम आदमी पार्टी पर सरकारी तंत्र के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया लेकिन गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सवाल उठाया कि फिर कपूरथला और चमकौर साहिब में कांग्रेस कैसे जीत गई?
पंजाब कांग्रेस के बड़े नेताओं की बीच हुई इस बहस ने पार्टी नेताओं की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी जानकारी मिली है कि विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए हालांकि बाजवा ने कहा कि उनके गुस्से में होने की खबर पूरी तरह गलत है।
चरणजीत सिंह चन्नी, राणा गुरजीत सिंह के इलाकों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन कुल मिलाकर वह आम आदमी पार्टी से निकाय चुनाव में काफी पीछे रही है।
पंजाब फतह की तैयारी में जुटी बीजेपी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहली बार जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 पर नजरें गड़ाए हुए है। पार्टी पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
