वायरल वीडियो विवाद की वजह से राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बेंगलुरु चले गए हैं। वहां वह चार दिन तक एक प्राइवेट वेलनेस इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित डिटॉक्स कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, भगवंत मान गुरुवार सुबह 7:30 बजे पंजाब छोड़कर बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए और सोमवार तक लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि उनकी यह यात्रा कुछ और दिन आगे बढ़ सकती है। इससे ठीक पहले भगवंत मान अपने निर्वाचन क्षेत्र धुरी गए थे और उन्होंने राज्य सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी ‘मावां धियां सत्कार योजना’ की शुरुआत की थी।
इस योजना के तहत मान सरकार ने पंजाब की लगभग 36 लाख महिलाओं के खातों में पैसे डाले हैं। भगवंत मान का बेंगलुरु जाना इस वक्त में इसलिए बहुत अहम है क्योंकि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त द्वारा कुछ दिनों पहले उन्हें ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित करने की वजह से वह विपक्ष के हमलों का सामना कर रहे हैं।
भगवंत मान का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने बेअदबी कानून में संशोधन करने के निर्देश देने के लिए अकाल तख्त की आलोचना की थी।
पहले भी गए थे बेंगलुरू
इससे पहले भी भगवंत मान डिटॉक्स प्रोग्राम पर जा चुके हैं। अक्टूबर 2022 में वह बेंगलुरु के एक प्राइवेट वेलनेस फैसिलिटी में गए थे और उस वक्त मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मान के शराब पीने की आदत को लेकर काफी चर्चा हुई थी। तब आम आदमी पार्टी ने कहा था कि मुख्यमंत्री अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवा रहे हैं। इसके बाद भगवंत मान ने लोगों के बीच इस बात को कहा कि उन्होंने शराब छोड़ दी है।
पंजाब सरकार के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मान का यह बेंगलुरु दौरा पहले से ही तय था और इसका बीते कुछ दिनों में हुए राजनीतिक विवाद से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है।
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वायरल वीडियो को लेकर पंजाब के विपक्षी राजनीतिक दलों का कहना है कि सीएम भगवंत मान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। मान ने ‘बेअदबी’ के आरोपों को उनके खिलाफ साजिश बताया है और कहा है कि राजनीतिक विरोधी उन्हें बदनाम करने पर तुले हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
