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पंजाब: रेत खनन नीलामी में घोटाले के आरोपी मंत्री का इस्तीफा, राहुल गांधी लेंगे फैसला

पंजाब में रेत खनन नीलामी में कथित भूमिका के आरोपों में घिरे पंजाब के बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया जिन्होंने अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं की है।

Author चंडीगढ़ | January 17, 2018 09:07 am
पंजाब के बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया

पंजाब में रेत खनन नीलामी में कथित भूमिका के आरोपों में घिरे पंजाब के बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया जिन्होंने अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं की है। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि उन्हें इस्तीफा मिल गया है और कहा कि वह दिल्ली में 18 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से इस मामले पर चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय करेंगे। पिछले साल मामले में राणा का नाम आने के बाद से ही विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था। इस महीने प्रवर्तन निदेशालय ने उनके बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह को भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बगैर परिवार की एक कंपनी की खातिर विदेश में पैसा जुटाने के लिए समन जारी किया था।

राणा गुरजीत सिंह ने आज कहा, ‘‘मैंने कैप्टन साहब के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। मैंने एक सप्ताह पहले व्यक्तिगत रूप से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा।’’ इस्तीफा देने के निर्णय पर सवाल किए जाने पर कपूरथला से विधायक सिंह ने कहा कि विपक्ष उन पर गलत आरोप लगा उनके इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा था। मैंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया है।

सिंह ने कहा, ‘‘मैंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर एक मानक तय किया है।’’ यह पूछने पर कि क्या मुख्यमंत्री ने उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा था तो मंत्री ने बताया, ‘‘कभी नहीं। मैं यहां (राजनीति में) उन्हीं (अमरिंदर सिंह) के कारण हूं।’’ राणा गुरजीत सिंह ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी इस्तीफे की पेशकश की थी (पिछले वर्ष रेत खनन विवाद के दौरान)। उस समय मुख्यमंत्री ने मुझसे पद पर बने रहने के लिए कहा था।’’ उनका परिवार चीनी, बिजली और डिस्टिलरी का व्यवसाय करता है। रेत खनन नीलामी में नाम आने बाद से ही आप नेता सुखपाल सिंह खैरा सहित विपक्ष के कई नेता मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

राज्य सरकार ने पिछले साल मई में खनन विभाग द्वारा की गई रेत खनन नीलामी में राणा गुरजित सिंह पर लगे आरोपों की जांच के लिए न्यायमूर्ति जे एम नारंग आयोग का गठन भी किया था। आयोग को कई करोड़ की रेत खनन निलामी में सिंचाई एवं बिजली मंत्री के खिलाफ लगे अनुचित व्यवहार के आरोपों के सभी पहलुओं की जांच करने का आदेश था। मंत्री ने दावा किया है कि नीलामी में कुछ भी गलत नहीं किया गया है। इस बीच, एक अन्य मामले में मंत्री के बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17 जनवरी पेश होने के लिये समन जारी किया था।

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