पंजाब चुनाव से पहले AAP में तकरार के संकेत, भगवंत मान के समर्थकों को किया किनारे, CM कैंडिडेट घोषित करने की हो चुकी है मांग

भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार बनाए जाने पर आम आदमी पार्टी के विधायक बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कई विधायक इस बात का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ विधायक इस मामले पर चुप्पी साधे बैठे हैं।

Bhagwant Mann AAP Punjab
AAP पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान (फाइल) Source- Indian Express

आम आदमी पार्टी की पंजाब ईकाई के प्रदेश अध्यक्ष और संगरूर से सांसद भगवंत मान और चार विधायकों को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है, लेकिन उनके दो प्रमुख समर्थकों को अनदेखा कर दिया गया है। पंजाब आप के इस फैसले के बाद अंदरखाने में चल रही नाराजगी के संकेत मिल रहे हैं। बताते चलें कि ये वहीं समर्थक हैं जिन्होंने हाल ही में पार्टी नेतृत्व से भगवंत मान को विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेता प्रतिपतक्ष हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और सर्वजीत कौर मुनके को कार्यकारिणी में जगह दी गई है, जबकि भगवंत मान और बलजिंदर कौर पहले से ही इसके सदस्य थे। किसान आंदोलन को लेकर खुलकर आवाज उठाने वाले किसान विंग के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान और यूथ विंग के अध्यक्ष मीत हेयर को कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई है। दोनों ही नेता भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार बनाए जाने की वकालत करते रहे हैं और सार्वजनिक बयान भी दे चुके हैं।

दरअसल भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार बनाए जाने पर आम आदमी पार्टी के विधायक बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कई विधायक इस बात का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ विधायक इस मामले पर चुप्पी साधे बैठे हैं और पार्टी आलाकमान की तरफ से बयान जारी किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। बठिंडा ग्रामीण से विधायक रूपिंदर कौर रूबी और महल कलां से पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी ने भी भगवंत मान को पार्टी का सीएम चेहरा बनाए जाने का समर्थन किया है।

आम आदमी पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मान की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले नेताओं के अगले चुनावों में जीतने के चांसेज कम हैं। उन्हें उम्मीद है कि भगवंत मान उन्हें चुनावों के दौरान जिताने में मदद करेंगे। पार्टी के एक नेता ने कहा कि कुछ विधायकों ने अपने इलाकों में अच्छा काम नहीं किया है, उनकी लोकप्रियता दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। ऐसे ही विधायक इस मामले पर ज्यादा हल्ला मचा रहे हैं।

इन सबके बीच भगवंत मान ने अपने घर के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली बैठकों को स्थगित कर दिया है। यह मीटिंग रोज हुआ करती थीं। यहां भगवंत मान को सीएम बनाए जाने के नारे भी खूब गूंजा करते थे। जानकारी के मुताबिक मान ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपनी व्यस्तताओं का हवाला देकर बैठक नहीं करने की बात की है लेकिन सूत्र बताते हैं कि अरविंद केजरीवाल इस बात को लेकर खुश नहीं हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी के संकेत भगवंत मान को भी दिए हैं।

विपश्यना से लौटने के बाद पार्टी के पंजाब सह प्रभारी राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच भगवंत मान के विषय पर बैठके हों चुकी हैं। सूत्रों का कहना है कि 2022 के चुनावों के लिए पार्टी के सीएम उम्मीदवार के नाम पर फैसला नहीं लिया गया है और आने वाले दिनों में किसी नाम के ऐलान की संभावना भी बेहद कम है।

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