महाराष्ट्र के शहर पुणे में शुक्रवार को पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 48 वर्षीय कर्मचारी की मौत के बाद तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से दो टीसीएस के कर्मचारी भी हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मृतक के बेटे की शिकायत पर पिंपरी-चिंचवड शहर के भोसारी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
2 जून को लगाई फांसी
TCS के हिंजवाड़ी ऑफिस में कार्यरत अमित ब्रह्मे ने कथित तौर पर 2 जून को भोसाली स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अपने कथित सुसाइड लेटर में अमित ने विनोद पालिचा नाम के एक मित्र और कंपनी की ओर से उनके बारे में अपमानजनक ईमेल भेजने का आरोप लगाया।
महिला सहकर्मियों ने बार-बार अपमानित किया
सुसाइड लेटर में दो महिला सहकर्मियों- अर्चना और शशवती का नाम लिखा गया। इन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अन्य कर्मियों के सामने अमित को बार-बार अपमानित किया और उन्हें मनपसंद काम देने से इनकार कर दिया। आरोप यह भी लगाया कि उन्हें उनकी विशेषज्ञता के बाहर के प्रोजेक्ट दिए जाते थे।
सुसाइड लेटर में आगे कहा गया कि दोनों महिलाओं ने उनके परफॉर्मेंस को लेकर उन्हें फटकारा और सभी के सामने उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए कहा और नौकरी से निकाल देने की धमकी भी दी।
अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गई- पुलिस
पुलिस ने कहा कि मामले में बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) का मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “मामला दर्ज कर लिया गया है, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।”
टीसीएस कर रही मामले की जांच
इधर टीसीएस की ओर से भी एक बयान जारी किया गया, जिसमें उसने अपने कर्मियों के खिलाफ लगे आरोपों का संज्ञान लिया है और तथ्यों की पुष्टि कर रही है। बयान में कहा, हमारे कर्मचारियों का कल्याण हमारे लिए सबसे पहले हैं और हम शोक संतृप्त परिवार को हर संभव मदद कर रहे हैं। हमने दोनों कर्मियों के खिलाफ लगे आरोपों का संज्ञान लिया है और जांच कर रहे हैं।
इसी बीच आईटी कर्मचारियों के संगठन नैसेंट इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी एम्लॉईज सीनेट (NITES) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है।
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नासिक टीसीएस ऑफिस से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धार्मिक परिवर्तन के मामले में पुलिस की पहली चार्जशीट में एक दिलचस्प बात सामने आई है। इस केस की जांच के दौरान जब आरोपी निदा खान फरार थीं, तब उनके बारे में पता लगाने के लिए पूछताछ के दौरान पूर्व एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील का नाम सामने आया। पुलिस ने यह संदर्भ मुख्य आरोपी को पनाह देने और उसकी लोकेशन छिपाने के सवालों के दौरान दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
