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भाजपा विधायकों को विधानसभा में घुसने से रोका, किरन बेदी ने मांगी रिपोर्ट

प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय ने 22 मार्च को अपने फैसले में उनके नामांकन को वैध करार दिया था। अब जब उच्च न्यायालय का फैसला आ गया है कि उनका नामांकन संविधान के तहत ही हुआ है तो फिर वो सभी विधानसभा में जाने के योग्य क्यों नहीं हैं...?
पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी। (फाइल फोटो)

पुदुचेरी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन विधायकों को पुदुचेरी विधानसभा मे एंट्री न मिलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। केेंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी की लेफ्टिनेंंट गवर्नर किरण बेदी ने इस पूरे मामले पर सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब की है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए किरण बेदी ने कहा कि इस मामले में मैंने राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट मिलनेे के बाद मैं जल्द ही इस पर जरुरी कार्रवाई भी करुंगी। किरण बेदी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मद्रास हाईकोर्ट का फैसला आ जाने के बाद भी प्रदेश के विधानसभा में बीजेपी के तीन नामित सदस्यों को आने से रोका गया है। इस मामले में मैंने राज्य के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। आज बीजेपी के तीन विधायकों – वी.सामीनाथन, केजी शंकर और एस सेल्वागणपति ने विधानसभा के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ विधानसभा के बाहर प्रदर्शन भी किया।

प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय ने 22 मार्च को अपने फैसले में उनके नामांकन को वैध करार दिया था। अब जब उच्च न्यायालय का फैसला आ गया है कि उनका नामांकन संविधान के तहत ही हुआ है तो फिर वो सभी विधानसभा में जाने के योग्य क्यों नहीं हैं…? विधायकों ने विधानसभा स्पीकर वी.वेेथीलिंगम पर जानबूझ कर उन्हें विधानसभा में प्रवेश करने से रोकनेे और कोर्ट के फैसले से अंजान बने रहने का दिखावा करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं विधायकों ने स्पीकर पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप भी मढ़ा।

यहां आपको यह बता दें कि इन सभी तीन विधायकों को उपराज्यपाल किरण बेदी ने पिछले ही साल विधानसभा के सदस्य के रुप में नामांकित किया था। हालांकि उस वक्त इस नामांकन को लेकर विवाद भी हुआ था और मामला अदालत तक पहुंच गया था। लेकिन अदालत ने अपने हालिया फैसले में इन सभी विधायकों के नामांकन को वैध करार दिया है। लेकिन अब इन विधायकों को विधानसभा में एंट्री ना मिलने पर विवाद एक बार फिर बढ़ गया है।

एक खास बात यह भी है कि इससे पहले विधासनभा स्पीकर ने रविवार (25-03-2017) को बीजेपी के तीनों विधायकों को चिट्ठी लिखकर कहा था कि अभी मैं हाईकोर्ट के फैसले को देख रहा हूं और जल्द ही इस मामले मेें अपना निर्णय दूंगा।

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