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PUBG पर बोले साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट- यह गेम खेलने से तेज हो जाती हैं दिल की धड़कनें

पबजी गेम का देश के 16-18 वर्ष के किशोरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गेम को खेलने से मानसिक तनाव बढ़ता है।

Author Updated: March 16, 2019 10:35 AM
PUBG गेम से किशोरों का बढ़ रहा मानसिक तनाव फोटो सोर्सः इंडियन एक्सप्रेस

पबजी गेम (players unknown battleground) पिछले काफी समय से लोगों पर नकारात्मक प्रभाव डालने को लेकर चर्चा में है। हाल ही में गुजरात के राजकोट में पबजी गेम खेलने के आरोप में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन दस लोगों में 6 छात्र कॉलेज के थे। पुलिस कमिश्नर मनोज अग्रवाल ने बताया कि बीते 6 मार्च को गुजरात में नोटिस जारी किया गया था जिसमें पबजी और मोमोज चैलेंज गेम पर पांबदी लगाई गई थी। पुलिस इंस्पेक्टर वीएस वंजारा ने सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश जारी किए थे कि अगर शहर में कोई भी पबजी या इस तरह के गेम खेलते हुए दिखें तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। हालांकि गुजरात में यह बैन कुछ ही समय के लिए लगाया गया है।
इस पूरे मामले पर साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने अपने विचार साझा किए। एक न्यूज चैनल से उन्होंने कहा कि गुजरात में पबजी गेम खेलने पर जो बैन लगाया गया है उससे समस्या का समाधान होने वाला नहीं है। जब तक केंद्र सरकार इस बारें में कोई फैसला नहीं लेती और पूरे देश में लागू नहीं करती तब तक इस समस्या का कोई पुख्ता हल नहीं निकाला जा सकता।

किशोरों मे इस गेम का सबसे ज्यादा क्रेजः सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने कहा कि ये गेम 16-18 वर्ष के किशोरों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। यह गेम एक हिंसक गेम है जिससे उनकी मानसिकता पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। साथ ही उन्होंने कहा कि मार्किट में इसी तरह के कई ऐसे ऑनलाइन गेम्स जैसै बैटलफायर, फ्रीफायर इत्यादि मौजूद हैं जिनमें इसी तरह की हिंसक प्रवृत्ति के टास्क परफार्म करने होते है और इससे गेमर्स के अंदर हिंसा की भावना बढ़ती है।
ऐसे में इन सभी गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा पाना आसान नहीं है। टंडन ने बताया कि जब हम इस गेम को डाउनलोड करते हैं तो इसमें एज रेटिंग का एक कॉलम होता है जिसमें एज लिमिट 18 वर्ष या उससे ऊपर लिखी गयी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बच्चों के माता-पिता को भी ध्यान देने की जरुरत है कि उनके बच्चे फोन में क्या गेम खेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पबजी गेम खेलने के शौकीन लोग खुद ये बात मानते हैं कि जब वो ये गेम खेलते है तो उनकी दिल की धड़कने तेज हो जाती हैं। उन्हें गेम खेलते समय अलग प्रकार की ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि अगर बैन लगाना ही है तो पूरे देश में इस गेम पर बैन लगना चाहिए। इस तरह चुनिंदा राज्यों में बैन लगाने पर इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता।

 

क्या है पबजी गेमः पबजी एक ऑनलाइन गेम है। इस गेम की निर्माता एक ऑनलाइन कंपनी है। दुनिया भर में इस गेम के 20 करोड़ से ज्यादा प्लेयर्स हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गेम को लगातार कई घंटो तक खेलने से आप अपना मानसिक संतुलन खो बैठते हैं।

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