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‘मूव’ सम्मेलन में आज जुटेंगे दुनिया भर के नुमाइंदे

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शिखर सम्मेलन से पहले इसके बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत को मोबिलिटी के लिए एकीकृत सम्मिलित नीति रूपरेखा बनाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो। सोर्स- रॉयटर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहले विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन ‘मूव’ का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन में अन्य बातों के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और साझा मोबिलिटी को प्रोत्साहन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। नीति आयोग इस दो दिन (7-8 सितंबर) के शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। सम्मेलन में अरुण जेटली, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और रवि शंकर प्रसाद सहित कई केंद्रीय मंत्री हिस्सा लेंगे।

सम्मेलन में पांच विषयों पर चर्चा होगी। इनमें विद्युतीकरण और वैकल्पिक ईंधन, सार्वजनिक परिवहन की नए सिरे से खोज, माल ढुलाई परिवहन और लॉजिस्टिक्स और डाटा विश्लेषण व मोबिलिटी शामिल हैं। सम्मेलन में कई प्रमुख कंपनियों-महिंद्रा इलेक्ट्रिक, हीरो साइकिल्स, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, ओला, मारुति सुजुकी, होंडा, टोयटा, बॉश, सन मोबिलिटी के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शिखर सम्मेलन से पहले इसके बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत को मोबिलिटी के लिए एकीकृत सम्मिलित नीति रूपरेखा बनाने की जरूरत है। कुमार ने कहा कि मोबिलिटी क्षेत्र में आने वाले बदलावों की वजह से भारत रोजगार के अधिक अवसर पैदा कर पाएगा और देश के नागरिकों के जीवन को सुगम किया जा सकेगा। दुनिया भर से करीब 2,200 भागीदार इस सम्मेलन में भागीदारी करेंगे। इनमें सरकारों, उद्योग, शोध संगठनों, अकादमिक और समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं।

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इसी संवाददाता सम्मेलन में नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य मकसद भारत में लोगों के यात्रा करने के तरीके में बड़ा बदलाव लाना है। संवाददाता सम्मेलन में सड़क परिवहन और राजमार्ग, बिजली, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव भी मौजूद थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, जापान, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, आस्ट्रिया, जर्मनी और ब्राजील के दूतावासों के व निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

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