ताज़ा खबर
 

राजशाही और लोकशाही समर्थकों के बीच 2019 की लड़ाई : मोदी

रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं।

Author January 13, 2019 11:50 AM
रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि 2019 चुनाव की लड़ाई सल्तनत और संविधान में आस्था रखने वालों के बीच है, जहां जनता को यह तय करना है कि उन्हें सेवाभाव, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से काम करने वाला ‘प्रधानसेवक’ चाहिए या राजशाही में विश्वास करने वाला। मोदी ने कहा कि एक तरफ वो लोग हैं, जिन्हें हर हाल में केवल अपनी सल्तनत बचाए रखनी है और दूसरी तरफ हम लोग हैं जो बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान को मानते हैं और उसके अनुसार चलते हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर देश में ‘मजबूर सरकार’ बनाने के प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2019 चुनाव की लड़ाई सल्तनत और संविधान में आस्था रखने वालों के बीच है और लोगों के बीच देश के इतिहास में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार ऐसी सरकार है जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं है जिसका मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है।

रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं। जब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमानत पर हैं, तब ये दल कांग्रेस के सामने समर्पण कर रहे हैं। ये देश के मतदाताओं को धोखा देने का प्रयास है। प्रधानमंत्री शुक्रवार से लगातार रामलीला मैदान में मौजूद रहे और हर बैठक में शामिल हुए। एक घंटे 20 मिनट के भाषण को शुरू करने से पहले उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से पूछा कि उनका मन ज्यादा बोलने का है, फिर कार्यकर्ताओं से मुखातिब होकर कहा कि भोजन में देरी होगी, लेकिन लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाकर उन्हें बोलने के लिए उत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन ने विपक्ष के सवालों के जबाब में हर आरोप पर पलटवार किया। मोदी ने कहा कि ये सारे दल मिलकर क्यों साथ आ रहे हैं, इनका इरादा क्या है, ये मिलकर देश में एक मजबूर सरकार बनाने में लगे हैं। वे नहीं चाहते कि देश में मजबूत सरकार बने और इनकी दुकान फिर बंद हो जाए। हम मजबूत सरकार चाहते हैं ताकि किसानों को फसलों का उचित दाम मिले, वो (विपक्ष) मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि यूरिया घोटाला किया जा सके। हम चाहते हैं कि आयुष्मान भारत जैसी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली योजनाएं चलाई जा सकें, लेकिन वे ऐसी सरकार चाहते हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाला किया जा सके, एंबुलेंस घोटाला किया जा सके। कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर प्रहार जारी रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐसी मजबूत सरकार चाहते हैं जो देश की सेना की हर जरूरत को पूरा कर सके, किसानों को सशक्त बनाए, लेकिन वो मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके, किसानों की कर्जमाफी में भी घोटाला कर सकें। उन्होंने पहली बार सीधे नाम लेकर नेशनल हेराल्ड केस का ब्योरा देकर कांग्रेस प्रमुख के परिवार पर आरोप लगाया और कहा कि वे संवैधानिक संस्था का अपमान कर रहे है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश पर महाभियोग के मामले का भी उन्होंने जिक्र किया और विपक्ष की तरह विभिन्न संस्थाओं का नाम लेकर उनको कमजोर करने का आरोप लगाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम इस बात पर गर्व कर सकते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो आपके घर का पैसा चोरी करके अपने परिवार में बांटे? क्या आप चाहते हैं कि वो पड़ोसियों को आपके घर के अंदर की बात बताए? क्या हम ऐसा सेवक पसंद करेंगे जो परिवार के सदस्यों के कान भरकर लड़ाता हो? क्या आप ऐसा सेवक पसंद करेंगे जिसे घर की मर्यादा का ख्याल नहीं है, क्या आप ऐसा सेवक चाहते हैं कि जब घर में जरूरत हो तब दो-तीन महीने छुट्टी पर चला जाए और उसका पता नहीं भी न हो। जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं, वैसे ही तय कीजिए की देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए। देश को तय करना है कि उन्हें कैसा सेवक चाहिए। रात दिन काम करने वाला, अपनेपन के साथ सेवाभाव से जुड़ने वाला, भावी पीढ़ी की सेवा करने वाला, ईमानदारी से काम करने वाला, सबको एकजुट रखने वाला प्रधानसेवक चाहिए या वो वाला चाहिए। मोदी ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में भाजपा के नेतृत्व में जिस तरह हमारी सरकारें चली हैं, उससे जनमानस में यह भाव स्थापित हुआ है कि देश को ऊंचाई पर अगर कोई दल ले जा सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ भाजपा है। भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है, सरकार बिना भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है और सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान लगातार मोदा-मोदी और जय श्रीराम के नारे लग रहे थे। कार्यक्रम स्थल के भीतर और बाहर लगे एलईडी स्कीन के सामने खड़े होकर लोग उनका भाषण सुन रहे थे।

अयोध्या मामले में रोड़े अटका रही कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती है कि अयोध्या मामले का हल निकले, इसलिए वह अपने वकीलों के जरिए न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के रवैये को जनता के बीच रखने को कहा। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि अयोध्या मामले का हल निकले। कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए। कांग्रेस मुख्य न्यायाधीश पर महाभियोग की तैयारी भी कर रही थी। वह अपने वकीलों के जरिए रोड़े अटका रही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस के इस रवैये को किसी को नहीं भूलना चाहिए और किसी को भूलने देना भी नहीं चाहिए। इसे बार बार याद कराया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने का प्रस्ताव लाए, कांग्रेस ने विरोध किया। हम तीन तलाक खत्म करने के लिए कानून लाए, कांग्रेस ने विरोध किया। हम नागरिकता संशोधन विधेयक लाए, कांग्रेस फिर विरोध कर रही है और कांग्रेस नहीं चाहती कि अयोध्या मामले का हल निकले। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जब भी राम मंदिर का विषय आया, वहां उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं के जोरदार उद्घोष ने इस मुद्दे के महत्त्व को रेखांकित किया।

देश की सुरक्षा, विकास और गौरव के लिए भाजपा का जीतना जरूरी : शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि देश की सुरक्षा, विकास और गौरव के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का जीतना जरूरी है और इसके लिए चाहे जितने दल एकजुट होना चाहें, एकजुट हो जाएं-भाजपा जीत दर्ज करेगी। शाह ने कहा कि भाजपा मुकाबले को तैयार है और भाजपा को 2019 में विजय प्राप्त करनी ही है। अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता और स्वार्थ के गठजोड़ में जितने लोग इकट्ठा होना चाहते हैं वो एक साथ आ जाएं, भाजपा के कार्यकर्ता मोदी जी के नेतृत्व में 50 फीसद तक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में छोटी-छोटी पार्टियों ने भाजपा का साथ देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों को एकत्रित किया है। ये सभी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास यज्ञ में समिधा डालने को तैयार हैं। शाह ने कहा कि यहां से जाने के बाद हम सभी के लिए एक ही मंत्र है कि 2019 में भाजपा को विजयी बनाएं और नरेंद्र मोदी को फिर से प्रचंड बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बनाएं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2019 का चुनाव देश की सुरक्षा, देश के विकास और देश के गौरव का चुनाव है। उन्होंने कहा कि परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण जैसे तीनों नासूर भारतीय राजनीति में कांग्रेस का योगदान हैं। 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम देश को इन तीनों नासूरों से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को एक-एक वोटर के साथ मिलकर जनसंपर्क का कार्य करना है। 2019 में अगर हम प्रचंड बहुमत से जीतते हैं तब 2019 के बाद लंबे समय तक पंचायत से संसद तक हम बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा समेत विपक्षी दलों के साथ आने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सत्ता और स्वार्थ का गठबंधन है। एक बार तो मुकाबला होना ही था। ऐसे में भाजपा को विजय प्राप्त करनी ही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App