प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार रात को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई। माना जा रहा है कि यह बैठक अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पैदा हुई मौजूदा वैश्विक स्थिति और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के मद्देनजर बुलाई गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे से रविवार रात ही दिल्ली लौटे हैं। मोदी ने दो दिवसीय दौरे के तहत राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी की यात्रा की।

सीसीएस देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर फैसला लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। प्रधानमंत्री सीसीएस के अध्यक्ष हैं तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इसके सदस्य हैं।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर हो सकती है चर्चा

सूत्रों के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले और फंसे हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा होने की संभावना है, साथ ही स्थिति बिगड़ने पर उससे निपटने के तरीकों पर भी विचार किया जायेगा। फिलहाल, पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है।

पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण हवाई सेवाएं बाधित हो गई हैं, जिससे सैकड़ों भारतीय दुबई और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। इनमें से कई लोग सोशल मीडिया पर भारतीय सरकार से सहायता की अपील कर रहे हैं।

ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक जबकि इजरायल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 90 लाख है।

भारत ने कई मौकों पर पश्चिम एशिया समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हजारों भारतीयों को सफलतापूर्वक निकाला है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास अपने नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और हेल्पलाइन सक्रिय कर दी गई हैं।

पड़ोसी देशों के साथ ईरान के रिश्ते तनावपूर्ण क्यों हैं?

अमेरिका और इजरायल के हमलों के चलते ईरान गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। वह सात देशों के साथ सीमा साझा करता है। दो पड़ोसियों को छोड़ दें तो अन्य 5 के साथ ईरान के रिश्ते काफी जटिल और तनावपूर्ण माने जाते हैं। क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।