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दीदी के लोग चोटी वालों को कह रहे राक्षस, मोदी बोले- दीदी…ओ दीदी, मुझे गाली दीजिए

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने एक दिन पहले ही भाजपा नेता गिरिराज सिंह के ट्वीट पर जवाब में लिखा था कि अगर ममता बनर्जी का गोत्र रोहिंग्याओं का है, तो हमें इस पर गर्व है। ये चोटीवाले राक्षस गोत्र से तो कहीं बेहतर है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र जयनगर | Updated: April 12, 2021 3:50 PM
पश्चिम बंगाल के जयनगर में रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान जारी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राज्य के ही जयनगर में रैली करने पहुंचे। पीएम ने यहां से सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। मोदी ने एक दिन पहले टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के ‘चोटीवाले राक्षस’ बयान पर भी हमला बोला। मोदी ने कहा कि पहले ममता दीदी को जय श्रीराम के नारे से परेशानी थी और अब उनके लोगों को भगवा कपड़ों से दिक्कत है। दीदी के लोग अब चोटीवालों को राक्षस भी बुला रहे हैं।

गिरिराज सिंह के ट्वीट पर महुआ मोइत्रा ने दिया था बयान: एक दिन पहले ही भाजपा नेता गिरिराज सिंह और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के बीच ट्विटर पर तीखी नोकझोंक हुई थी। दरअसल, भाजपा नेता ने ममता बनर्जी के गोत्र बताने पर ट्वीट में कहा था- “रोहिंग्या को वोट के लिए बसाने वाले, दुर्गा/काली पूजा रोकने वाले, हिंदुओ को अपमानित करने वाले, अब हार के ख़ौफ़ से गोत्र पर उतर गए। ‘शांडिल्य गोत्र’ सनातन और राष्ट्र के लिए समर्पित है, वोट के लिए नहीं। इस पर मोइत्रा ने कहा था कि गिरिराज सिंह कहते हैं कि ममता का गोत्र रोहिंग्याओं का है। हमें इस पर गर्व है। ये चोटीवाले राक्षस गोत्र से तो कहीं बेहतर है।

बाद में गिरिराज सिंह ने महुआ मोइत्रा के इस बयान को सनातन धर्म से जोड़ते हुए कहा था कि शिखा/चुटिया हिंदुस्तान की सनातन सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है और वोट की खातिर सनातन को गाली देना उचित नहीं है। रोहिंग्या के पैर धोते रहिए…जल्द ही हिंदुस्तान जवाब मांगेगा।

मोदी ने भी किया पलटवार: टीएमसी नेता के इस बयान पर ही पीएम मोदी ने रैली में कहा, “ममता दीदी को जय श्रीराम नारे से परेशानी थी। पूरा बंगाल इस बात को जानता है। दिल्ली को दुर्गा मूर्ति के विसर्जन से परेशानी थी। पूरा बंगाल यह भी जानता है। दीदी को अब भगवा कपड़ों से दिक्कत है और उनके लोग चोटीवालों को राक्षस कहते हैं।”

‘जिन्हें दीदी बाहरी कहती थीं, उनसे मदद मांग रहीं’: प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “दीदी…ओ दीदी, अगर आप किसी को खुश करना चाहती हैं, तो आपका पूरा अधिकार है। आप मुझे गाली देना चाहती हैं, देती रहिए। लेकिन मैं आपको लोगों की आस्था और रामकृष्ण परमहंस, चैतन्य महाप्रभु और स्वामी विवेकानंद की पहचान को गाली देने नहीं दूंगा।”

मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि पहले फेज की वोटिंग के बाद दीदी का गुस्सा बढ़ गया है। उन्होंने मदद के लिए देश के कई नेताओं को चिट्ठी लिखी है। दीदी अब उन लोगों से समर्थन मांग रही हैं, जिन्हें वे बाहरी बताती हैं और मिलने के लिए समय तक नहीं देती थीं।

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