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केरल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

केरल में कथित तौर पर राजनीतिक हिंसा के खिलाफ मंगलवार को जनाधिकार समिति की अगुआई में संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर विरोध सभा का आयोजन किया और केरल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

Author नई दिल्ली | Updated: January 25, 2017 1:54 AM
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) नेता दत्तात्रेय होसबोले (file photo)

केरल में कथित तौर पर राजनीतिक हिंसा के खिलाफ मंगलवार को जनाधिकार समिति की अगुआई में संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर विरोध सभा का आयोजन किया और केरल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। इस मौके पर संघ के विचारक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि केरल को भगवान की धरती माना जाता है, लेकिन आज वह दानवों की धरती बनती जा रही है। उन्होंने केरल में राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तुरंत दखल देने की मांग की।  होसबोले ने आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की जघन्य हत्या व हमले की निंदा की और राज्य के लोगों से अपील की कि वे वहां हो रही राजनीतिक हत्याओं के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करें। दत्तात्रेय ने कहा कि मैं आम आदमी से अपील करता हूं कि केरल में संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं की जघन्य हत्या के संदेश को फैलाएं। यह हिंसा माकपा करवा रही है। संघ नेता ने दावा किया कि इस मुद्दे को उठाने के लिए हमें काफी कुछ करना पड़ा, लेकिन इन हत्याओं पर मीडिया चुप है।

भाजपा प्रवक्ता व सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि राजनीतिक हमले को रोकने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप करने की मांग करनी होगी। वहीं संघ-भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर को ज्ञापन सौंपकर हमले रोकने में केंद्र के हस्तक्षेप और प्रभावित लोगों को पुनर्वास पैकेज देने की मांग की। संघ के अखिल भारतीय सह-सरकार्यवाहक ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि केरल सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। इससे पहले वक्ताओं ने मंच से चेतावनी दी कि अगर सरकार संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ केरल में हो रही राजनीतिक हिंसा पर उचित कार्रवाई नहीं करेगी तो उसे इसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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