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Rajasthan Politics: नए युग की तैयारी- सियासी घमासान के बीच जोधपुर में जगह-जगह लगे सचिन पायलट के पोस्टर

Rajasthan Politics: राजस्थान में अभी जो सियासी हलचल हो रही है उसके हिसाब से अगर अशोक गहलोत सोनिया गांधी की जगह कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं तो विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के रूप में सचिन पायलट के चयन का विरोध का दावा किया है।

Rajasthan Politics: नए युग की तैयारी- सियासी घमासान के बीच जोधपुर में जगह-जगह लगे सचिन पायलट के पोस्टर
Rajasthan politics: राजस्थान सियासत में नये युग की करवट सड़कों पर लगे सचिन पायलट के पोस्टर (Photo- ANI)

Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में राजनीतिक संकट जारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उत्तराधिकारी के लिए कांग्रेस पार्टी में मंथन भी हो रही है। अगर वह कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाते हैं तो राज्य का अगला सीएम कौन होगा। इन सब के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की तारीफ वाले होर्डिंग्स जोधपुर में कई जगहों पर लगाए गए हैं। होर्डिंग्स पर सत्यमेव जयते, नए युग की तैय्यारी लिखा हुआ है, जिसका अर्थ है सत्य की जीत, एक नए युग की तैयारी।

दरअसल, मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान की दो साल पहले हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है। कांग्रेस के 92 विधायकों के इस्तीफे के बाद एक नाटकीय मोड़ ले लिया है। सभी विधायक अशोक गहलोत के समर्थक बताए जा रहे हैं। इन सभी कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी रविवार (25 सितंबर) देर रात को अपना इस्तीफा सौंप दिया। बता दें कि साल 2020 में सचिन पायलट और उनके खेमे ने सरकार को लगभग गिरा दिया था।

नए CM को लेकर गहलोत समर्थक विधायकों की मांग

राजस्थान में अभी जो सियासी हलचल हो रही है उसके हिसाब से अगर अशोक गहलोत सोनिया गांधी की जगह कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं तो विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के रूप में सचिन पायलट के चयन का विरोध का दावा किया है। वहीं, अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों ने नए मुख्यमंत्री के चयन में अंतिम निर्णय की मांग की है। साथ ही इस तरह के निर्णय को 19 अक्टूबर तक टालने की भी मांग की है। विधायकों ने कुछ और मांगें भी की हैं। जिसमें न तो पायलट और न ही उनके खेमे के लोग सीएम हो सकते हैं।

सचिन पायलट के गुट को भरोसा, वह बनेंगे सीएम

हालांकि, सचिन पायलट के गुट को भरोसा है कि कांग्रेस का आलाकमान उस आश्वासन को लागू करने में सक्षम होगा। जिसे साल 2020 के बागवत के बाद दिया गया था। जिसकी वजह से पालयट खेमा माना था। दरअसल, उस वक्त सचिन पायलट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मनाने पर बागी तेवर छोड़कर सरकार में शामिल हो गए थे। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन ने कहा कि उन्होंने असंतुष्ट विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए कई अपील की। दोनों नेता के सोमवार (26 सितंबर को ) दिल्ली लौटने की उम्मीद है।

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First published on: 26-09-2022 at 02:56:17 pm
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