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जनलोकपाल के लिए अण्णा समर्थकों ने निकाला प्रार्थना मार्च

अण्णा समर्थक गांधीवादी संघ ने शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रार्थना सभा की और शाम को प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रार्थना मार्च निकाला।

Author नई दिल्ली | Published on: January 31, 2016 2:23 AM

केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के दो साल बाद भी जनलोकपाल विधेयक अभी तक अमल में नहीं लाया गया है। इसी मांग को लेकर अण्णा समर्थक गांधीवादी संघ ने शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रार्थना सभा की और शाम को प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रार्थना मार्च निकाला। इस सभा में गांधीवादी नेता अण्णा हजारे को भी शिरकत करनी थी, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह नहीं आ सके।

कार्यक्रम के दौरान नवीन जैन नाम का एक शख्स मंच पर पहुंच गया और कार्यक्रम में रुकावट डालने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने मामले को संभाल लिया। बाद में संघ के एक प्रतिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर बड़ी संख्या में अण्णा समर्थक गांधीवादियों ने धरने में हिस्सा लिया। मंच के राष्ट्रीय कार्यकारिणी नेता विष्णुकांत शर्मा ने कहा कि अण्णा की अगुआई में हजारों समर्थकों ने अगस्त 2011 में रामलीला मैदान में अनशन किया था और पूरे देश में जनसैलाब सड़कों पर उतर आया था।

इसके दबाव में सरकार ने 2013 में लोकपाल विधेयक पारित किया और राष्ट्रपति ने एक जनवरी 2014 को इस पर दस्तखत भी कर दिया, लेकिन अभी तक इसे प्रधानमंत्री की ओर से लागू नहीं किया गया है। इससे न सिर्फ देश के लोग ठगा सा महसूस कर रहे हैं बल्कि यह उस संसद का भी अपमान है जिसने आम सहमति से लोकपाल विधेयक पास किया था। यह निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अण्णा ने प्रधानमंत्री मोदी को तीन बार पत्र लिखकर कानून लागू करने का आग्रह किया, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अभी तक लोकपाल की नियुक्ति तक नहीं हो पाई है।
प्रार्थना सभा में देश के विभिन्न राज्यों से आए अण्णाा समर्थक मौजूद रहे। असम से आए दिव्य ज्योति सैकिया ने कहा कि इस कानून को जल्द लागू नहीं किया गया तो एक बार फिर से अण्णाा की अगुआई में देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। गांधीवादी मदन कुमार ने कहा कि देश की जनता भ्रष्टाचार से बेहाल है। उन्हें राहत देने के बजाय सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है।

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