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Kumbh Mela: इस बार 20 नहीं 45 Km में होगा मेले का आयोजन, इलाहाबाद फोर्ट में कर पाएंगे अक्षयवट के दर्शन

जनवरी 2019 में प्रयागराज में अर्धकुंभ का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि इस बार कुंभ मेले का आयोजन 20 किमी से बढ़कर 45 किलोमीटर में होगा।

कुंभ का प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

जनवरी 2019 में प्रयागराज में अर्धकुंभ का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि इस बार कुंभ मेले का आयोजन 20 किमी से बढ़कर 45 किलोमीटर में होगा। यही नहीं इसके साथ ही भक्त अक्षयवट का दर्शन भी इलाहबाद किले में कर पाएंगे। इतना ही नहीं, इस बार से सरस्वती कूप दर्शन भी सभी के लिए संभव हो पाएगा।

इस बार दोगुना हुआ है क्षेत्र: प्रयागराज की महापौर अभिलाषा नंदी का कहना है कि इस बार कुंभ मेले का क्षेत्र दोगुने से भी अधिक हुआ है। जहां पिछली बार वो 15-20 किलोमीटर क्षेत्र में फैला था तो वहीं इस बार उसका क्षेत्र 45 किलोमीटर रहेगा। इसके साथ ही अक्षयवट तक जाने के लिए अच्छी सड़क का भी इंतजाम किया जा रहा है। ताकि भक्तों को कोई दिक्कत न हो।

अक्षयवट का महत्व: अभिलाषा ने कहा कि अक्षयवट के दर्शन करने का सुख पूरी दुनिया में सिर्फ चार जगह ही मिलता है जहां कुंभ का आयोजन होता है। कई सालों से अक्षयवट किले में बंद था लेकिन इस बार यहां आने वाला हर भक्त त्रिवेणी में स्नान करने के बाद अक्षयवट के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकेगा। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि अक्षयवट में हर इच्छा पूरा करने की शक्ति है।

क्या कहती हैं पौराणिक कथाएं: पौराणिक कथाओं के मुताबिक जब संत मार्कंडेय ने भगवान नारायण से अपनी शक्ति के प्रदर्शन के लिए कहा था तो एक पल के लिए उन्होंने सारे विश्व को जल में समा दिया। लेकिन जब पूरा विश्व जलमग्न था तब भी अक्षयवट का ऊपरी भाग दिखाई दे रहा था।

सरस्वती कूप के भी होंगे दर्शन : इस बार न सिर्फ अक्षयवट के दर्शन हो सकेंगे बल्कि इसके साथ ही सरस्वती कूप के भी दर्शन संभव होंगे। मान्यताओं के मुताबिक सरस्वती कूप पृथ्वी का सबसे पवित्र कुआं है। मान्यता है कि संगम जो अदृश्य सरस्वती है वो इस ही कूप में वास करती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक ऐसा पहली बार होगा जब श्रद्धालु शहर में जल मार्ग, थल मार्ग और हवाई मार्ग से आ पाएंगे।

क्या बोले थे पीएम मोदी : बता दें कि प्रयागराज के दौरे के दौरान पीएम मोदी ने अक्षयवट को लेकर ऐलान कर दिया था कि इस बार से हर श्रद्धालु अक्षयवट के दर्शन कर पाएगा। वहीं प्रदेश मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि इस बार का कुंभ दर्शनीय, अद्भुत, दिव्या और भव्य होगा। योगी ने कहा था कि इस बार अर्धकुंभ में सभी को आधुनिकता और तकनीक के साथ संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

युवा कुंभ में योगी का बयान: लखनऊ में आयोजित युवा कुंभ में योगी ने कहा हिंदुस्तान की एकता और अखंडता का रूप है कुंभ। इसमें युवा के जुड़ने की बेहद जरूरत है। राज्य सरकार श्रद्धालुओं को हर संभव मदद देने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही हमारी सरकार मुनि भारद्वाज और मां सरस्वती की बड़ी मूर्ति भी बनवाएगी।

कब से शुरू होगा कुंभ: बता दें कि मकर संक्रांति के दिन (15 जनवरी) से कुंभ मेले की शुरुआत होगी। इसके साथ ही 4 मार्च को महाशिवरात्रि के साथ ही इस मेले का आखिरी स्नान आयोजन होगा। यानि करीब 50 दिनों तक कुंभ में स्नान का अवसर रहेगा। गौरतलब है कि हरिद्वार, नासिक, उज्जैन और प्रयागराज में ही कुंभ और अर्धकुंभ का आयोजन होता है। जिसमें नासिक में गोदावरी नदी के तट पर, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर, हरिद्वार और प्रयाग में गंगा नदी के तट पर आयोजन होता है। वहीं सबसे बड़ा मेला कुंभ 12 सालों के अंतर में तो वहीं 6 वर्षों के अंतर में अर्ध कुंभ के नाम से मेले का आयोजन होता है। बता दें कि 2019 के बाद साल 2022 में हरिद्वार में कुंभ मेला होगा और साल 2025 में फिर से प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होगा और साल 2027 में नासिक में कुंभ मेला लगेगा।

 

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