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Kumbh Mela 2019: आज से लगेगी आस्था की डुबकी, धर्म-अध्यात्म के साथ पर्यटन का भी आकर्षण

Kumbh Mela 2019 Prayagraj (Allahabad): माघ महीने की संक्रांति पर सूर्यदेव मकर राशि पर जा चुके हैं, लेकिन इससे पहले ही प्रयागराज के संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया।

Author Updated: January 15, 2019 3:50 PM
Kumbh Mela 2019: प्रयागराज: कुम्भ मेला, फोटो सोर्स- कुमार सम्भव जैन

Kumbh Mela 2019: प्रयागराज से कुमार सम्भव जैन: माघ महीने की संक्रांति पर सूर्यदेव मकर राशि पर जा चुके हैं, लेकिन इससे पहले ही प्रयागराज के संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया। मंगलवार सुबह 6:15 बजते ही साधु-संतों के शाही स्नान के साथ इस इस महापर्व का आगाज हो गया। हर 12 साल में कुंभ और 6 साल में अर्द्धकुंभ के रूप में रेत पर बसने वाला यह मेला इस बार धर्म-अध्यात्म के साथ पर्यटन का भी सबसे बड़ा आकर्षण है।

सबसे पहले शाही स्नान : पहला शाही स्नान सुबह 6:15 बजे शुरू हो जाएगा और शाम 4 बजे तक चलेगा। कुंभ मेले का सबसे बड़ा आकर्षण अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, महंत और नागा संन्यासियों के पैरों की रेत लेने की होड़ का होगा। इस दौरान मेला प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा श्रद्धालुओं के सैलाब को संभालने की रहेगी। इस वक्त नागा संन्यासी संगम में बच्चों की तरह किलकारियां मारते नजर आएंगे।

इस क्रम में हुआ शाही स्नान : अखाड़ों के शाही स्नान के क्रम के मुताबिक, सबसे पहले संन्यासी अखाड़ों के महंतोंं ने स्नान किया। इसके बाद बैरागी और फिर उदासीन अखाड़ों का नंबर आया। संन्यासी अखाड़ों में सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री पंचायती अटल अखाड़े के महंत गंगा की गोद में उतरेंगे। वहीं, उदासीन अखाड़ों में सबसे आखिर में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला स्नान होगा। पेशवाई में भी अखाड़ों का यही क्रम रहेगा।

(किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी)

स्नान के लिए बनाए गए 35 घाट : मेला आयोजकों के मुताबिक, स्नान साढ़े पांच किलोमीटर क्षेत्र में बने 35 घाटों पर होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए मेले में पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल के जवानों व सेना को भी तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से मेले पर निगाह रखी जा रही है।

बॉलीवुड सितारों के भी आने का अनुमान : माना जा रहा है कि शाही स्नान पर बॉलीवुड के कई सितारें आ सकते हैं। ये अपने धर्मगुरुओं के सानिध्य में स्नान करेंगे। हालांकि, इनके बारे में पूरी गोपनीयता बरती जा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए ये इंतजाम : श्रद्धालुओं की मदद के लिए रेलवे और रोडवेज पूरी तरह मुस्तैद हैं। सिर्फ प्रयागराज शहर में रोडवेज ने 500 अतिरिक्त बसें उतारी हैं, जो कुंभ शटल के रूप में काम कर रही हैं। इन बसों में 3 दिन तक कोई किराया भी नहीं लिया जा रहा है। वहीं, रेलवे स्टेशन से लेकर मेला एरिया तक जगह-जगह मेडिकल कैंप बनाए गए हैं, जिनमें यात्रियों को दवाएं व इलाज की सहूलियत मिल रही है।

14 जनवरी को आए इतने श्रद्धालु : मेला आयोजकों के मुताबिक, 14 जनवरी को भी करीब 10-12 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने बताया कि 14-15 जनवरी के कंफ्यूजन का असर भीड़ पर भी पड़ा है। काफी लोग 14 को ही प्रयागराज आ गए। वहीं, 15 जनवरी को भी कम से कम 50 लाख लोगों के आने का अनुमान है।

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