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वेलेंटाइन डे पर तेजाब पीड़ित रानी को मिला जीवन भर का साथ

रानी बताती हैं कि पांच साल तक बिस्तर पर रहने के बाद एक प्राइवेट अस्पताल में मुझे भर्ती कराया गया। यह 2014 की बात है। वहीं पर एक नर्स थीं, जो अपने साथ एक दिन अपने दोस्त सरोज को लेकर आर्इं।

Author February 15, 2018 4:13 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नौ साल पहले तेजाबी हमले की शिकार होकर अपनी आंखों की रोशनी गंवा देने वाली प्रमोदिनी उर्फ रानी को वेलेंटाइन डे पर एक अनोखा तोहफा मिला। रानी के संग सरोज साहू नामक उस युवक ने सगाई रचाई है, जिसे उसकी देखभाल करने के दौरान उससे प्यार हो गया था। ओड़ीशा के जगतपुर में 2009 में कक्षा 12 की छात्रा रानी को कॉलेज से लौटते वक्त अक्सर एक लड़का परेशान करता था। यह एकतरफा प्यार का मामला था और रानी के इनकार को बर्दाश्त नहीं कर पाने पर इस लड़के ने उसके ऊपर तेजाब डाल दिया था। तेजाब से रानी की आंखों ने ख्वाबों से ही किनारा कर लिया। नौ साल पहले वह आईना भी देखने से कतराती थी। तेजाबी हमले ने उसके जिस्म को ही नहीं, रूह को भी झुलसा दिया था। वही रानी आज प्यार के गीत गुनगुना रही है। 25 साल की रानी को जिंदगी में दोबारा मुस्कुराने का हौसला दिया है, उससे मोहब्बत करने वाले 26 साल के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सरोज साहू ने।

लखनऊ के शिरोज हैंग आऊट कैफे में बुधवार को सगाई करने वाली प्रमोदिनी उर्फ रानी ने बताया कि 2009 में जब मेरे ऊपर एसिड से हमला हुआ था तो मैं अस्सी फीसद तक झुलस गई थी। मेरी आंखों की रोशनी पूरी तरह से चली गई थी और बिल्कुल देख नहीं पाती थी, चलने-फिरने से भी मजबूर थी। करीब नौ महीने तक ओड़ीशा के एक सरकारी अस्पताल के आइसीयू में रहने के बाद पैसों के अभाव में मेरे परिवार वाले मुझे घर वापस ले आए। रानी बताती हैं कि पांच साल तक बिस्तर पर रहने के बाद एक प्राइवेट अस्पताल में मुझे भर्ती कराया गया। यह 2014 की बात है। वहीं पर एक नर्स थीं, जो अपने साथ एक दिन अपने दोस्त सरोज को लेकर आर्इं। वह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था और अक्सर अस्पताल आता रहता था। वह सरोज को दिखाना चाहती थी कि मेरी क्या हालत है। सरोज जब मुझसे मिला तो उसे शायद अहसास हुआ कि मुझे किसी सहारे की जरूरत है। वह मुझसे अक्सर मिलने आना लगा। डॉक्टर ने कह दिया था कि रानी के पैर को ठीक होने में नौ दस महीने लग जाएंगे, लेकिन सरोज ने डॉक्टर से कहा कि वह रानी को चार महीने में अपने पैरों पर खड़ा करके दिखा देगा और उसने ऐसा करके भी दिखाया।

रानी के साथ मौजूद सरोज ने कहा कि उस वक्त तक वह मेरी बहुत अच्छी दोस्त थी, लेकिन जब वह मुझसे दूर हुई और दिल्ली चली गई, तब मुझे अहसास हुआ कि मैं रानी के बिना अधूरा हूं। उसी साल 14 जनवरी की रात को मैंने रानी को रात 11 बजे फोन कर प्यार का इजहार किया और शादी की इच्छा जताई। हालांकि, रानी शुरू में राजी नहीं थी। उसका कहना था कि मैं देख नहीं पाती हूं, अपना काम तो कर नहीं पाती किसी की पत्नी कैसे बनूंगी। फिर रानी ने अपनी आंखों का इलाज करवाया, जब उसकी एक आंख में बीस फीसद रोशनी आ गई, तब उसने मेरे प्रस्ताव को स्वीकार किया। आज रानी देख सकती है और अपना काम भी खुद कर सकती है।

रानी और सरोज बुधवार को ‘स्टाप एसिड अटैक कंपेन’ की ओर से संचालित शीरोज कैफे में सगाई के बंधन में बंध गए। स्टाप एसिड अटैक कंपेन लखनऊ में आलोक दीक्षित चलाते हैं और उनके द्वारा चलाए जाने वाले शीरोज हैंग आऊट कैफे में एसिड अटैक की शिकार लड़कियां ही काम करती हैं। रानी और सरोज की सगाई का पूरा इंतजाम भी दीक्षित ने ही किया। सरोज का कहना है कि वह और रानी शादी के बाद ओड़ीशा में स्टाप एसिड अटैक कंपेन चलाएंगे और शीरोज हैंग आऊट कैफे चलाकर तेजाब हमले की शिकार लड़कियों को रोजगार देंगे।

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