एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किये जाने की बात कही गई थी। प्रफुल पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस संबंध में बयान जारी किया है।

प्रफुल पटेल ने कहा, ”मैंने एनसीपी अध्यक्ष के रूप में मेरी नियुक्ति के संबंध में मीडिया में वायरल हो रही कुछ खबरों पर गौर किया है। मैं पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं कि ये खबरें पूरी तरह निराधार हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है।”

पटेल का यह बयान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए गए एक साक्षात्कार में की गई टिप्पणियों के बाद आया है।

‘पटेल नहीं पाटिल होना चाहिए एनसीपी का अध्यक्ष…’

प्रफुल पटेल ने कहा, ”एनसीपी एक लोकतांत्रिक संस्था है। इतना बड़ा फैसला हमारे वरिष्ठ नेतृत्व और विधायकों से परामर्श करने, हमारे समर्पित पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत करने और हमारे सभी पार्टी सदस्यों की भावनाओं और सामूहिक इच्छा का सम्मान करने के बाद ही लिया जाएगा। एक राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते, हम इन मामलों में स्थापित प्रक्रिया का पालन करते हैं।”

क्या कहा गोयल ने?

पीयूष गोयल ने रविवार को X पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने ये टिप्पणियां गलत जानकारी के आधार पर की थीं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”एक वरिष्ठ पत्रकार ने मुझे गलत सूचना दी थी कि प्रफुल पटेल एनसीपी के अध्यक्ष चुने गए हैं। मैंने बिना पुष्टि किए मीडिया में कुछ बयान दिए थे, लेकिन बाद में जानकारी मिली कि वह सूचना गलत थी और एनसीपी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित दादा पवार के नेतृत्व में काम कर रही है। मैं इस भ्रामक सूचना के लिए खेद व्यक्त करता हूं।”

एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पार्टी इस संबंध में कोई भी निर्णय लेते समय कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित प्रक्रिया का पालन करेगी।

राज ठाकरे ने किया था कटाक्ष

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को पटेल के अध्यक्ष नामित होने की खबर पर उनका नाम लिए बिना कटाक्ष किया था। राज ठाकरे ने कहा था कि एनसीपी जैसी सच्ची मराठी पार्टी का अध्यक्ष ‘पटेल नहीं, बल्कि पाटिल’ होना चाहिए।

अजित पवार (66) का 28 जनवरी को उनके गृह नगर बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। 

अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया और उन्होंने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पार्टी के भीतर ऐसी आवाज उठी है कि उन्हें पार्टी का अध्यक्ष भी बनाया जाए। 

बिना MLA बने कैसे डिप्टी सीएम बनीं सुनेत्रा पवार?