पश्चिम बंगाल पुलिस बारुईपुर रेप केस का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। पुलिस उसे क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए घटनास्थल पर लेकर गई थी। पुलिस का दावा है कि वहां उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फायरिंग की, जिसके बाद वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया। हालांकि विपक्षी दल पुलिस के इस एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं।
टीएमसी के सांसद कीर्ति आजाद ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए दावा किया कि प्रभास मंडल बीजेपी का कार्यकर्ता था। उसे बीजेपी के अंदरूनी मामलों की काफी जानकारी दी। यह सीक्रेट बाहर न आ जाए, इसलिए उसका एनकाउंटर कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया, “पुलिस की कस्टडी में कैसे एनकाउंटर हो गया? पुलिस ने तो उसे पकड़ा हुआ होगा न… जिस तरह से यूपी में सब कुछ छिपाया जा रहा है या मार दिया जा रहा है।”
एनकाउंटर पर सौगत रॉय ने भी उठाए सवाल
इस पुलिस एनकाउंर पर टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, “मैं इस एनकाउंटर में हुई मौत की निंदा करता हूं। यह घटना मुख्यमंत्री और DGP के बारुईपुर दौरे के एक दिन के अंदर हुई। इससे कानून के शासन को नुकसान पहुंचा है। मुझे नहीं पता कि किसके कहने पर पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने के बजाय उसे मार डाला। मुझे यकीन है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी।”
प्रभास की मां ने शव लेने से किया इनकार
प्रभास मंंडल के मारे जाने की खबर उसके परिवार को पुलिस ने दी। प्रभास की मां संंध्या मंडल ने मीडिया से कहा, “मेरे जागते हुए दो पुलिसकर्मी घर पर आए। उन्होंने बताया कि प्रभास की मौत हो चुकी है और पूछा कि क्या मैं अस्पताल जाना चाहूंगी? इसपर मैंने कहा कि मैं नहीं जा सकती, मेरे पति बीमार हैं… मैं जाने की हालत में नहीं हूं…तुम जो करना चाहते हो करो, मुझे कोई आपत्ति नहीं है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
