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J&K में 72 दिनों बाद फिर शुरू हुईं POSTPAID MOBILE SERVICES, 40 लाख मोबाइल फोन यूजर्स को राहत

जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा केंद्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने और प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों ... जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के बाद पांच अगस्त से यहां पाबंदियां लगा दी गई थी।

Author नई दिल्ली | Updated: October 14, 2019 12:42 PM
घाटी में पोस्टफोन सेवा बहाल

कश्मीर घाटी में सोमवार को सभी नेटवर्क की पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई। पाबंदियों के चलते बीते 72 दिन से यह सेवा ठप पड़ी थी। सोमवार को दोपहर तक करीब 40 लाख मोबाइल फोन पर पोस्टपेड सेवा काम करने लगी। जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा केंद्र सरकार द्वारा खत्म किए जाने और प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों … जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के बाद पांच अगस्त से यहां पाबंदियां लगा दी गई थी। आने वाले 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे।

घाटी में 17 अगस्त तक लैंडलाइन की आंशिक सेवा बहाल की गई थी और चार सितंबर तक करीब 50,000 लैंडलाइन को शुरू करने की घोषणा की गई थी।
जम्मू में मोबाइल इंटरनेट सेवा अगस्त मध्य से बहाल हो गई थी। मोबाइल सेवा इससे भी पहले चालू हो चुकी थी। हालांकि दुरुपयोग होने के बाद 18 अगस्त को मोबाइल पर इंटरनेट सुविधा को फिर से बंद कर दिया गया था।

रामबन जिले में भारी भूस्खलन के कारण पिछले दो दिनों से बंद रहने के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को यातायात के लिए फिर से खुल गया। यातायात विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजमार्ग के रखरखाव के लिए जिम्मेदार एजेंसियों से मंजूरी मिलने के बाद सुबह करीब साढ़े नौ बजे हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) को राजमार्ग पर चलने की अनुमति दे दी गई।

सभी मौसमों में देश के बाकी हिस्सों के साथ कश्मीर को जोड़ने वाले एकमात्र 270 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को गुरुवार को भूस्खलन के बाद बंद कर दिया गया था। रामबन से जम्मू की ओर दो किलोमीटर दूर स्थित निहड़ में सड़क के चौड़ीकरण के दौरान भूस्खलन हुआ था। आवाजाही बंद होने के कारण राजमार्ग के दोनों ओर हजारों वाहन फंस गए।

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू या श्रीनगर से किसी भी यात्री वाहन को शुक्रवार और शनिवार को राजमार्ग पर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि फंसे हुए वाहनों, जिनमें ज्यादातर ट्रक थे, को हटाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि लगातार भूस्खलन के कारण ट्रकों के निकासी में समय लग गया।

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