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महाराष्ट्र में पोस्टर वॉरः राज ठाकरे को अगर पहुंचा नुकसान तो जल उठेगा पूरा सूबा- MNS के बैनर में चेतावनी

राज ठाकरे ने 2008 में उत्तर भारतीयों के खिलाफ एक आंदोलन चलाया था। इसमें मुंबई में काम करने वाले बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को निशाना बनाया गया था और उनके साथ हिंसा भी की गई थी।

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राज ठाकरे की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष के अयोध्या दौरे का विरोध करने को लेकर वहां पोस्टर वार शुरू हो गया है। मुंबई के लालबाग इलाके में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने पोस्टर लगाया है. पोस्टर में लिखा है, “अगर कोई राज ठाकरे को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा तो पूरा महाराष्ट्र जल जाएगा।”

इससे पहले यूपी के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राज ठाकरे के पांच जून को अयोध्या जाने का विरोध करते हुए उन्हें चेतावनी दी थी कि वे पहले उत्तर भारतीय लोगों से माफी मांगे। उनका कहना था कि राज ठाकरे कई बार उत्तर भारतीयों का अपमान कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें उत्तर प्रदेश में आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास अठावले ने महराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे से अगले महीने उत्तर प्रदेश में अयोध्या जाने से पहले उत्तर भारतीयों से माफी मांगने को कहा है। सोमवार को ठाणे में अठावले ने कहा था कि महाराष्ट्र को एक ब्राह्मण मुख्यमंत्री की जरूरत है।

उन्होंने शिवसेना का कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गठबंधन को भारी भूल बताया और कहाकि यह बेमेल सरकार है। उन्होंने महाराष्ट्र के लिए देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद के लिए सही विकल्प बताया।

हालांकि विरोध के बावजूद राज ठाकरे ने कहा है कि वे अयोध्या के दौरे पर जरूर जाएंगे। इसको लेकर टकराव होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि उनके अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोई रोक नहीं लगाई है। सरकार की ओर से इस पर कोई अधिकृत प्रतिक्रिया भी नहीं आई है।

भाजपा सांसद और आरपीआई अध्यक्ष के अलावा भी कई नेताओं ने राज ठाकरे के अयोध्या दौरे का विरोध किया था। 2008 में ‘मराठी मानुस’ का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक आंदोलन शुरू किया था। उस वक्त उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रेलवे परीक्षा देने के लिए मुंबई के कल्याण आए उत्तर भारत के उम्मीदवारों के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी।

राज ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों को नौकरी नहीं दी जानी चाहिए। उस आंदोलन में मुंबई में काम करने वाले उत्तर भारतीयों खास तौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को निशाना बनाया गया था और उनके साथ हिंसा भी की गई थी।

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