ताज़ा खबर
 

सियासत और इंसान ने ले ली शक्तिमान की जान

शक्तिमान की मौत बुधवार शाम साढ़े चार बजे देहरादून पुलिस लाइन में हुई। पिछले दिनों अमेरिका से आए डॉक्टरों ने उसकी टांग का ऑपरेशन किया था और उसे कृत्रिम टांग लगाई गई थी।

Author देहरादून | April 21, 2016 3:27 AM
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत शक्तिमान को श्रद्धांजलि देते हुए। पीटीआई फोटो)

14 मार्च को भारतीय जनता पार्टी के देहरादून में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिस के नायाब घोड़े शक्तिमान की एकाएक मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही उत्तराखंड के पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। शक्तिमान का बुधवार शाम पुलिस लाइन में अंतिम संस्कार किया गया। उसकेशव को पुलिस सम्मान के साथ दफनाया गया। उसकी मौत के बाद उत्तराखंड में नया सियासी उबाल आने के संकेत हैं , क्योंकि इस हमले के आरोपी भाजपा विधायक पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।

शक्तिमान की मौत बुधवार शाम साढ़े चार बजे देहरादून पुलिस लाइन में हुई। पिछले दिनों अमेरिका से आए डॉक्टरों ने उसकी टांग का ऑपरेशन किया था और उसे कृत्रिम टांग लगाई गई थी। शक्तिमान के अंतिम संस्कार में देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते समेत पुलिस महकमे के सभी आला अधिकारी मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पुलिस लाइन जाकर शक्तिमान के शव पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शक्तिमान की मौत के बाद कानून के जानकारों से विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर शक्तिमान की मौत के बाद भाजपा और कांग्रेस में जबरदस्त सियासत छिड़ गई है। दोनों राजनीतिक दल एक दूसरे को शक्तिमान की मौत का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि शक्तिमान की मौत से वे गहरे सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि शक्तिमान केवल घोड़ा नहीं था, वह एक बहादुर सिपाही था। हमें पूरी उम्मीद थी कि वह गणतंत्र दिवस की अगली परेड में कृत्रिम पैर के साथ शामिल होगा। परंतु उसका एकाएक चले जाना उत्तराखंड वासियों के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक की अमानवीयता के कारण शक्तिमान की जान गई।

उधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि शक्तिमान की मौत पूरे उत्तराखंड के लिए दुखद समाचार है। परंतु कांग्रेस इस मुद्दे पर जो सियासत कर रही है, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार ने शुरू से ही शक्तिमान का इलाज गलत तरीके से किया था। उसकी टांग के ऑपरेशन के बाद उसे आराम कराए जाने की जरूरत थी। परंतु जबरन शक्तिमान को क्रेन से खड़ा किया गया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि शक्तिमान पुलिस का सिपाही था। परंतु रावत सरकार ने शक्तिमान के घायल होने का फायदा उठाने के लिए उसका ढंग से इलाज करने के बजाय उसकी टांग टूटने का प्रचार-प्रसार ज्यादा किया। अगर रावत सरकार ढंग से उसका इलाज कराती और उसको टार्चर न करती तो जान बच सकती थी।

READ ALSO: संपादकीयः बेजुबान का दर्द 

बहरहाल शक्तिमान को घायल करने के आरोप में जेल गए भाजपा विधायक गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जोशी को 18 मार्च को शक्तिमान को घायल करने की धाराओं के तहत पुलिस ने जेल भेज दिया था। 22 मार्च को देहरादून की जिला अदालत ने उन्हें जमानत दी थी। माना जा रहा है कि शक्तिमान की मौत के बाद जोशी को देहरादून पुलिस फिर गिरफतार कर सकती है। एक हफ्ते पहले जोशी ने आरोप लगाया था कि जेल में हरीश रावत ने उनकी हत्या कराने की कोशिश की थी। जोशी ने फिर अपनी जान को खतरा बताया है। जोशी ने देहरादून में कहा कि कांग्रेस खासतौर से हरीश रावत शक्तिमान के मुद्दे पर सियासत कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 14 मार्च को भाजपा के ‘विधानसभा घेराव’ कार्यक्रम के दौरान तैनात पुलिस दस्ते में शामिल शक्तिमान की टांग टूट गई थी। इस मामले में भाजपा के मसूरी से विधायक गणेश जोशी पर उस पर लाठी से हमला कर उसकी टांग तोडने का आरोप लगा था। इस मामले में विधायक पर पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया था।

विधायक ने हालांकि इस आरोप को गलत बताया और कहा कि शक्तिमान की टांग भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए विधानसभा के बाहर बनाए गए बैरिकेडिंग में फंसकर चोटिल हुई थी। विधायक के साथ-साथ उनकी पूरी पार्टी भी उनके बचाव में आगे आ गई। इस मामले को लेकर भाजपा और तत्कालीन सत्ताधारी कांग्रेस के बीच राजनीतिक तल्खी तब और बढ़ गई जब विपक्षी भाजपा ने विधानसभा में हरीश रावत से विधायक के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की जिसे रावत ने यह कहते हुए नकार दिया कि वह पुलिस के काम में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि 18 मार्च को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर उनके द्वारा रखी गई प्रस्तावित मत विभाजन की मांग के चलते सरकार ने अपनी मुश्किलें कम करने के लिए भाजपा के एक विधायक को गिरफ्तार करवाकर सदन में उसकी सदस्य संख्या कम करने की कोशिश की।

READ ALSO: काटनी पड़ी Shaktiman की टांग, भड़के पशुप्रेमी, बोले- 50 रुपए देकर छूट जाएगा BJP MLA

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App