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मेडिकल फीस बढ़ाने पर हुई जमकर सियासत

राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी के मामले में राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत की अगुआई वाली भाजपा सरकार की फजीहत हुई है।

Author देहरादून | Published on: April 4, 2018 2:19 AM
त्रिवेंद्र सिंह रावत

राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी के मामले में राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत की अगुआई वाली भाजपा सरकार की फजीहत हुई है। पहले राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पारित कर निजी मेडिकल कॉलेजों को छात्र-छात्राओं की फीस तय करने का अधिकार देकर दे दिया था। इस पर निजी मेडिकल कॉलेजों ने छात्र-छात्राओं को बढ़ी मेडिकल फीस जमा करने के नोटिस थमा दिए थे। सूबे की भाजपा सरकार के इस फैसले के खिलाफ मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने जोरदार आंदोलन चलाया। साथ ही कांग्रेस ने मेडिकल कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़नेका ऐलान किया। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के लगभग सभी विधायक अपनी ही सरकार के इस फैसले के खिलाफ थे। जब विरोध व्यापक हो गया तो भाजपा सरकार ने निजी मेडिकल कॉलेजों को फीस बढ़ोतरी करने के अधिकार देने का कैबिनेट का फैसला वापस ले लिया। इस मुद्दे से सरकार की खासी किरकिरी हुई।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि निजी मेडिकल कॉलेजों के साथ सूबे की भाजपा सरकार ने हाथ मिलाकर निजी स्वार्थों के कारण शुल्क बढ़ाने की अनुमति दी थी और मेडिकल कॉलेज के माफिया से हाथ मिलाकर राज्य की गरीब जनता का गला घोंटा। सूत्रों के मुताबिक इसे लेकर केंद्र सरकार ने भी आपत्ति जताई थी और तत्काल फीस जांच कमेटी बनाकर फीस का निर्धारण करने के आदेश दिए थे। लेकिन राज्य सरकार ने फीस जांच कमेटी बनाने के बजाय सीधे फीस बढ़ोतरी का फैसला कैबिनेट में ले जाकर मेडिकल कॉलेजों को लूट की खुली छूट दे दी।

इस मामले में उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस बढाने का ठीकरा भाजपा के घोर विरोधी पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के सिर फोड़ते हैं। पंत ने आरोप लगाया कि हरीश रावत ने अपनी सरकार के रहते निजी मेडिकल कॉलेजों को फीस बढ़ाने का अधिकार दिया था। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार द्वारा निजी मेडिकल कॉलेजों के मामले में ‘अम्बेला एक्ट’ लाया जा रहा है, जिसमें निजी विश्वविद्यालयों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी निजी विश्वविद्यालय अपनी मर्जी से शुल्क में बढ़ोतरी नहीं कर सकता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविन्द्र जुगरान ने आरोप लगाया कि मेडिकल की फीस बढ़ाने के मामले में राज्य सरकार में ऊंचे स्तर पर नेताओं, निजी कॉलेज के मालिकों और कुछ आला अफसरों के बीच ऊंचा खेल हुआ। 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस के मामले में दिए गए फैसले के तहत हर राज्य सरकार को अपने-अपने राज्यों में हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में शुल्क निर्धारण समिति गठित करके निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस तय करने के निर्देश दिए थे।

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी उत्तराखंड के इस फैसले पर उंगली उठाते हुए जमकर लताड़ लगाई थी। निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस का मामला उत्तराखंड के नैनीताल हाईकोर्ट में पिछले एक साल से चल रहा है। परंतु राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की अवमानना कर कैबिनेट में निजी मेडिकल कॉलेजों को फीस बढ़ाने का अधिकार दे दिया था और गैरसैंण में बजट सत्र के दौरान इस बाबत बिल भी पास कर दिया गया था।
जुगरान इस मामले को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार की नीयत पर उंगली उठाते हैं।

001. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
002. प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, उत्तराखंड।
003. त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड।
004. प्रकाश पंत, वित्त मंत्री, उत्तराखंड।
005. देहरादून में धरने पर बैठे निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं।
006. देहरादून में स्थित निजी मेडिकल कॉलेज इंद्रेश।
007. देहरादून में स्थित निजी उत्तरांचल डेंटल एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट।
008. देहरादून में धरने पर बैठे निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं।

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