उत्तराखंड में अगले वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव है, इसके मद्देनजर इस बार यहां के नेता होली मिलन के बहाने अपनी सियासी जमीन को मजबूत कर रहे हैं। इस अभियान में भाजपा व कांग्रेस के नेता समेत अन्य राजनीतिज्ञ भी शामिल हैं।
इस बार होली मिलन समारोह जनता को साधने का जरिया बनते हुए नजर आए। राज्य की सत्ता में बैठी भाजपा ने सबसे ज्यादा और सबसे व्यापक स्तर पर होली मिलन समारोह पार्टी के राज्य मुख्यालयों से लेकर जिला शहर और विकास खंड स्तर तक आयोजित करके मतदाताओं को रिझाने का काम किया।
संगठन और सरकार दोनों ही स्तरों पर भाजपा ने बड़े ही संगठित और व्यवस्थित ढंग से होली मिलन समारोह आयोजित किए, वहीं दूसरी ओर राज्य के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भी पार्टी के प्रदेश कार्यालय से लेकर जिला स्तर तक कई जगह होली मिलन समारोह का आयोजन किया, परंतु समारोह में पार्टी की फूट खुलकर दिखाई दी।
कई जगह होली मिलन समारोह में शामिल हुए धामी
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होली मिलन समारोह के जरिए पूरे राज्य में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया और कुमाऊं से लेकर गढ़वाल के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में आयोजित होली मिलन समारोह में खुलकर भाग लिया।
मुख्यमंत्री धामी इन समारोहों में अपने अलग अनोखे अंदाज में नजर आए, कभी मुख्यमंत्री धामी ठेठ पहाड़ी की तरह कुमाऊं के होल्यारों की वेशभूषा में उनके बीच होली के गीतों में थिरकते हुए दिखाई दिए तो कभी कृष्ण की वेशभूषा में सजे हुए बच्चों को अपनी गोदी में उठाते हुए दिखाई दिए।
मैदानी क्षेत्रों में होली समारोह में मुख्यमंत्री धामी किसानों और आमजन से गले मिलते हुए नजर आए। धामी गढ़वाल के पौड़ी, टिहरी तथा अन्य जिलों में आयोजित होली समारोह में गढ़वाल की वेशभूषा में दिखाई दिए, वहीं वह कुमाऊं में चंपावत,अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ में ठेठ कुमाऊंनी अंदाज में दिखे।
इस तरह मुख्यमंत्री धामी ने अपनी हर अदा से होली मिलन समारोह में जनमानस को अपनी ओर आकर्षित करने और रिझाने का काम किया और वह अपनी पूरी मौज मस्ती में दिखाई दिए। पहाड़ की वयोवृद्ध महिलाओं यानी आमाओं ने मुख्यमंत्री धामी के माथे पर गुलाल लगाकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने देहरादून में जहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह में पार्टी के संगठन के लोगों के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया, वहीं दूसरी ओर अपने सरकारी आवास में मुख्यमंत्री ने बड़े व्यापक स्तर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2027 की फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव की एक साल पहले ही होली मिलन समारोह के बहाने अपनी पिच तैयार कर ली। मुख्यमंत्री ने होली मिलन समारोह में अपनी सरकार की समान नागरिक संहिता कानून बनाने, धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने, सरकारी जमीन से मजार मस्जिद हटाकर सरकारी जमीन मुक्त करने, मदरसा बोर्ड खत्म करने और नकल विरोधी कानून सहित कई उपलब्धियां जनता को बताई।
कांग्रेस ने भी आयोजित किए होली मिलन समारोह
वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने पार्टी के देहरादून में स्थित राज्य मुख्यालय राजीव भवन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के तमाम नेता एकत्र हुए।
जिला स्तर पर कांग्रेस के द्वारा कई होली मिलन समारोह आयोजित किए गए और कई जिलों में पार्टी की फूट खुलकर सामने आई और कांग्रेस पार्टी के विभिन्न गुटों ने अलग-अलग होली मिलन समारोह आयोजित किए। जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, करण माहरा और सूर्यकांत धस्माना जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भाग लिया।
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