यूपी में जाति की सियासत, अब ब्राह्मण महासभा के नेता का ऐलान- लगवाएंगे गैंगस्टर विकास दुबे की मूर्ति

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष ने यूपी सरकार की ओर से विकास दुबे की पत्नी खुशी दुबे और उनके भतीजे अभय को प्रताड़ित किए जाने का भी विरोध किया।

Vikas Dubey, Brahmin Mahasabha
विकास दुबे को पिछले साल यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। (फोटो- ANI)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अब छह महीने से कुछ ज्यादा समय ही रह गया है। इस बीच राज्य में सियासी हलचल भी तेज हुई है। ज्यादातर पार्टियां इस चुनाव में ब्राह्मण समुदाय को साधने की कोशिश में जुटी हैं, जिसे सत्तासीन योगी सरकार से नाराज बताया जा रहा है। इस बीच अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी के एक बयान से ब्राह्मण वोट बैंक के चक्कर में पड़े राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, त्रिपाठी ने कहा है कि अगर फूलन देवी की मूर्ति लगाई जा सकती है, तो ब्राह्मण समुदाय के महान व्यक्ति विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की मूर्तियां भी लगाई जानी चाहिए।

त्रिपाठी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, “अगर डकैत फूलन देवी और ददुआ की मूर्तियां लगाई जा सकती हैं, तो विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की प्रतिमाएं क्यों नहीं लगाई जा सकतीं, जो कि ब्राह्मण समुदाय के लिए महान व्यक्ति और प्रेरणा हैं। बता दें कि विकास दुबे की पिछले साल कानपुर में एक एनकाउंटर में मौत हो गई थी, जबकि श्रीप्रकाश शुक्ला को यूपी एसटीएफ ने 1998 में मार गिराया था।

ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष ने कानपुर के बरुआ खुर्द गांव में भगवान शिव और परशुराम के मंदिर की स्थापना के लिए रखे गए एक कार्यक्रम में कहा, “विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ अन्याय हुआ। अगर वे दोषी थे, तो उन्हें कोर्ट से सजा मिलनी चाहिए थी।” उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों के साथ एक बार फिर धोखा होगा। उन्होंने यूपी सरकार की ओर से विकास दुबे की पत्नी खुशी दुबे और उनके भतीजे अभय को प्रताड़ित किए जाने का भी विरोध किया। बता दें कि खुशी दुबे अभी बाराबंकी के महिला शेल्टर होम में रखी गई हैं।

ब्राह्मण वोट बैंक को साधने में जुटे राजनीतिक दल: गौरतलब है कि अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल ब्राह्मण वोट बैंक पर नजर गड़ाए हैं। जहां बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में ब्राह्मणों को जीतने के लिए अपने खास सतीश चंद्र मिश्रा को राज्यभर में ब्राह्मण सम्मेलन कराने का जिम्मा सौंपा है, वहीं समाजवादी पार्टी ने भी पूर्वांचल में ब्राह्मण सभा कराने का ऐलान किया है। इस बीच विश्लेषकों का अनुमान है कि यूपी सरकार अगले कैबिनेट फेरबदल में ब्राह्मणों को स्थान देकर उनके वोट पाने की कोशिश करेगी।

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