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राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर केरल विधानसभा में हंगामा

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने में असफल रही है। वहीं, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ पार्टी लाइन से हटकर कड़ी कार्रवाई की गई है। विजयन ने कहा कि केरल को अशांत क्षेत्र दिखाने के लिए ‘जान-बूझकर प्रयास’ किया जा रहा है।
Author तिरुवनंतपुरम | August 8, 2017 03:24 am
केरल विधानसभा (PTI Photo)

सत्तारूढ़ माकपा और भाजपा के सदस्यों से संबंधित राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर केरल विधानसभा के सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेस नीत यूडीएफ विपक्ष के व्यवधान डालने पर कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वर्तमान राजनीतिक हिंसा को लेकर राज्य सरकार की निंदा करते हुए नेता विपक्ष रमेश चेन्निथला ने माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच ंिहसा की कड़ी की तुलना ‘ब्लू व्हेल’ गेम से की जिसमें किशोरों की जान जाती है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने में असफल रही है। वहीं, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ पार्टी लाइन से हटकर कड़ी कार्रवाई की गई है। विजयन ने कहा कि केरल को अशांत क्षेत्र दिखाने के लिए ‘जान-बूझकर प्रयास’ किया जा रहा है। राज्य में हिंसा को लेकर भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल में भाजपा की प्रदेश इकाई को हिलाकर रख देने वाले एक निजी कॉलेज को एमसीआइ मंजूरी से संबंधित मुद्दे पर अपने पार्टी सदस्यों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए यह सोचा-समझा प्रयास है।

उन्होंने कहा, राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा जाने का आरोप झूठा और निराधार है। राज्य में कोई लगातार सांप्रदायिक तनाव या राजनीतिक हिंसा नहीं है। विपक्ष कानून व्यवस्था की स्थिति स्थिर होने के मुख्यमंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और इसके सदस्य अपने स्थानों पर खड़े हो गए तथा नारे लगाते और बैनर लहराते हुए आसन की तरफ आ गए।
बैनरों पर ‘राज्य में भाजपा-माकपा हिंसा बंद करो और शांति बहाल करो’ जैसे नारे लिखे थे। विपक्षी सदस्यों की ओर से शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन ने निर्धारित अन्य कामकाज को लिया और सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। गौरतलब है कि राजनीतिक हत्याओं को लेकर भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के तनातनी है और हाल में मुख्यमंत्री ने इस बाबत बैठक बुलाई थी।

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