पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलकाता पुलिस ने सोमवार को ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पर छापेमारी की है।

कई चीजें की गई जब्त

बताया जा रहा कि कोलकाता नगर निगम की ओर से टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस दिया गया गया था। नोटिस दिए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जानकारी दे दें कि अभिषेक बनर्जी का घर कोलकाता के 188ए हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित है। पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के घर से छापेमारी के दौरान पुलिस ने मॉनिटर समेत कई चीजें जब्त की हैं।

अधिकारियों की ओर जानकारी आना बाकी

अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुलिस परिसर में क्यों पहुंची, और कोलकाता पुलिस या बनर्जी के कार्यालय की ओर से तत्काल कोई बयान जारी नहीं किया गया है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि शुक्रवार की यह यात्रा चल रही संपत्ति सत्यापन प्रक्रिया से संबंधित है या नहीं।

नोटिस में भवन से जुड़े दस्तावेजों के जांच की मांग की गई

कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक बनर्जी के आवास और उनसे तथा उनके परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर जुड़ी कई अन्य संपत्तियों को नोटिस जारी करने के कुछ ही दिनों बाद पुलिस ने यह छापेमारी की है, जिसमें स्वीकृत भवन योजनाओं और संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।

कितनी संपत्तियों के संबंध में जारी हुए नोटिस?

खबरों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी, उनके रिश्तेदारों और उनसे जुड़े संगठनों से कथित तौर पर जुड़ी 17 से 21 संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे। इनमें कथित तौर पर 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित परिसर, कालीघाट रोड पर स्थित एक निकटवर्ती इमारत और प्रेमेंद्र मित्रा सरानी, ​​पंडितिया रोड और उस्ताद आमिर खान सरानी स्थित संपत्तियां शामिल थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, यह जांच कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत शुरू की गई थी, जो अधिकारियों को कथित अनधिकृत निर्माण की जांच करने और संपत्ति मालिकों से स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार देती है। अधिकारियों ने इन भवन योजनाओं, निर्माण अभिलेखों और लिफ्ट या एस्केलेटर जैसी सुविधाओं समेत संभावित संशोधनों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगे।

ममता ने मांगा था कोलकाता मेयर से स्पष्टीकरण

यह मुद्दा टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी तक भी पहुंच गया था, जिन्होंने कथित तौर पर कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों से यह स्पष्टीकरण मांगा था कि नोटिस कैसे जारी किए गए थे।

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कल्याण बनर्जी ने हाल ही में काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा चीफ व्हिप पद से हटा दिया था। इसके बाद बारासत से टीएमसी की सांसद दस्तीदार ने रविवार को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC की नियुक्ति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसने पार्टी में ‘अराजकता’ फैलाई और उसे ‘बर्बाद’ कर दिया। दस्तीदार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह सांसद पद से भी इस्तीफा दे सकती हैं। उनके बेटे ने भी इसकी पुष्टि की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें