उत्तर प्रदेश के शामली के 72 वर्षीय व्यापारी रहीसुद्दीन ने शुक्रवार (26 जून) को राहत की सांस ली। वर्ष 2000 में उनके 12 साल के बेटे की हत्या हो गई थी। अब 26 साल बाद रहीसुद्दीन के 12 साल के बेटे की हत्या के आरोपी हिस्ट्रीशीटर को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया है। पुलिस ने बताया कि 37 साल का आरोपी रहीसुद्दीन के बेटे आरिफ की हत्या के समय नाबालिग था। उसके खिलाफ शामली, सहारनपुर और हरियाणा के पानीपत जिले में हत्या, लूट, डकैती और जबरन वसूली के 47 अपराधिक मामले दर्ज थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में व्यापारी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, “आज, यह सुनकर कि मेरे बेटे की हत्या के आरोपी को पुलिस एनकाउंटर में मार दिया गया है। मुझे आखिरकार कुछ शांति मिली है। मैं शामली पुलिस और इस देश की पुलिस का शुक्रिया अदा करता हूं। मैंने इस दिन का बहुत लंबे समय से इंतजार किया था।”
शामली पुलिस ने क्या कहा?
रहीसुद्दीन ने कहा, “उसने मेरे बेटे को मार डाला। वह बेरहम था। ऐसी हत्याएं करने वाले लोगों को समाज में नहीं रहने देना चाहिए।” शामली पुलिस के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ पहली FIR रहीसुद्दीन के बेटे की हत्या के लिए दर्ज की गई थी। वह हत्या के आरोपी तीन लोगों में से एक था।
शामली के पुलिस अधीक्षक (SSP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेंडिंग है। पुलिस ने कहा कि वह इस साल की शुरुआत में दर्ज दो लूट के मामलों में वॉन्टेड था और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।
पुलिस ने कहा कि शुक्रवार सुबह दो भाइयों ने शिकायत दर्ज कराई कि जब वे अपने खेतों पर जा रहे थे, तो कथित तौर पर बंदूक की नोक पर उनसे लूटपाट की गई। आरोप है कि दोनों भाई मोटरसाइकिल पर सवार थे, तभी दो लोगों ने उन्हें रोका, उन्हें बंदूक दिखाकर धमकाया और उनसे मोबाइल फोन, कैश और मोटरसाइकिल की चाबी लूट ली।
जॉइंट ऑपरेशन में की गई कार्रवाई
जब भाइयों ने विरोध किया, तो हमलावरों ने कथित तौर पर गोली चला दी और भाग गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शामली में दो अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने कहा कि बाद में उन्हें संदिग्ध के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान उसे घेर लिया। पुलिस ने कहा कि उन्हें देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश में गोली चला दी, जिस पर टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की। दावा किया गया कि गोलीबारी में संदिग्ध और एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए।
अधिकारियों ने कहा कि दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने संदिग्ध को मृत घोषित कर दिया, जबकि सब-इंस्पेक्टर का इलाज चल रहा है। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध का साथी अंधेरे और पास के खेतों में खड़ी फसल का फायदा उठाकर भाग गया। उन्होंने कहा कि उसे ढूंढने के लिए तलाशी अभियान चल रहा है।
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