ताज़ा खबर
 

बिहार: महादलित परिवार के लोगों की हत्या मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को किया गिरफ्तार

इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी घटना की चश्मदीद जख्मी बिंदी कुमारी के बयान के आधार पर 23 दिन बाद की गई है।

घटना में घायल बिंदी कुमारी का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महादलित परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। नवगछिया एसपी पंकज सिंहा के मुताबिक, इस सिलसिले में बलराम राय, कन्हैया झा और मो. महबूबा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये तीनों झंडापुर के ही रहने वाले है। इनकी गिरफ्तारी घटना के 23 दिन बाद एकमात्र चश्मदीद जख्मी बिंदी कुमारी के बयान के आधार पर की गई है। इससे पहले घटना के दो दिन बाद हत्या के आरोप में मोहन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बिंदी ने अपने बयान में कहा कि हत्यारे इज्जत न लूट पाए तो मां, पिता और भाई की हत्या कर दी। इसके साथ ही मुझ पर भी धारदार हथियार से हमला किया और मरा समझकर छोड़ गए। उन्होंने बताया था कि ये सभी पहले मेरे साथ जबरन दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगे। मां बीच बचाव करने आई तो घातक हथियार से उसे मार डाला। इसके बाद पिता और भाई आया तो उनकी हत्या भी धारदार हथियार से कर दी।

आईजी सुशील खोपड़े के मुताबिक, घटना में घायल बिंदी कुमारी का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पुलिस हिफाजत में चल रहा है। घटना में जख्मी होने के बाद से ही वह अचेत थी। पीड़िता के होश में आने के बाद नवगछिया डीएसपी मुकुल कुमार रंजन और इंस्पेक्टर संजय कुमार सुधांशु को भेजकर बयान दर्ज कराया गया है। इसकी निशानदेही पर ये गिरफ्तारियां हुई हैं। आईजी के अनुसार इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराकर आरोपियों को जल्द सजा दी जाएगी। बता दें कि आईजी लगातार मामले की निगरानी कर रहे थे।

यह घटना 25 नवंबर की रात का है। झंडापुर के महादलित गायत्री राम उर्फ कनिक राम, इनकी पत्नी मीना देवी और बेटे छोटू की एक साथ हमलावरों ने घर में घुसकर जघन्य तरीके से हत्या कर दी थी। हत्यारों ने बाप-बेटे के गुप्तांग काट डाले थे। कनिक राम की आंखें निकाल ली थीं। बिंदी भी बुरी तरह जख्मी और निर्वस्त्र हालत में बेहोश मिली थीं। हत्यारे इतने दबंग हैं कि गांव के लोग इस पर बात तक करने को तैयार नहीं है। पुलिस को अभी कोई ठोस सुराग तक नहीं मिला है। बिंदी ही इनकी उम्मीद थी, जिसको होश में आने के बाद बयान देने के लिए 23 दिन लग गए।

एसपी ने दावा किया है कि इस हत्याकांड में उपयोग किए गए गंडासा, लोहे की खंती जैसे धारदार हथियार और हत्यारों के खून लगे कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। आरोपियों का पुलिस में अपराध का पुराना रिकॉर्ड है। महादलित परिवार के तीन लोगों की हत्या के बाद गांव में राजनेताओं का तांता लगा। उन्होंने मृतकों के परिवार सदस्यों को मुआवजा देने की मांग की। हालांकि, सरकारी प्रक्रिया की जटिलता की वजह से मुआवजा तो अभी तक नहीं मिल सका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App