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असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के खिलाफ लिखी पोस्ट, भाजपा सोशल मीडिया सेल का सदस्य गिरफ्तार

असम पुलिस ने सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी और प्रदेश के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का अपमान करने पर भाजपा के सोशल मीडिया टीम के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। युवक ने हेमंत बिस्वा शर्मा को राज्य का गृहमंत्री बनाए जाने की बात लिखी थी।

Author नई दिल्ली | June 14, 2019 10:13 AM
युवक ने सीएम सोनोवाल पर असम में हिंदुओं की सुरक्षा में असफल रहने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो)

असम में पुलिस ने मोरेगांव जिला से भाजपा के आईटी सेल के युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक ने सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक टिप्पणी के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। पुलिस ने इसी तरह के आरोप में तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार पुलिस सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि मोरेगांव जिला से भाजपा आईटी सेल के एक सदस्य को पुलिस ने सांप्रदायिक और अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया है। नीतूमोनी बोरा ने हाल ही में सोशल मीडिया में दावा किया था कि राज्य की भाजपा सरकार विस्थापित मुस्लिमों से असमी लोगों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है।

उसने यह भी संकेत दिया था कि राज्य के मामलों के लिए मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ही जिम्मेदार है। मोरीगांव के एसपी स्वप्निल डेका ने कहा, ‘नीतूमोनी बोरा के खिलाफ राजू महंत ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके आधार पर ही बोरा को गिरफ्तार किया गया।

दर्ज एफआईआर में कहा गया कि उसने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।’ बोरा ने यह भी लिखा था कि उसका मानना है कि राज्य में कानून और व्यवस्था के असफल रहने के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उसने जालुकाबारी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हेमंत बिस्वा सरमा को राज्य का गृह मंत्री बनाए जाने की मांग भी की।

इससे पहले बुधवार रात को पुलिस ने भाजपा आईटी टीम के एक अन्य सदस्य हेमंत बरूआ के घर पर भी छापा मारा। भाजपा आईटी सेल के सदस्य की गिरफ्तारी के बाद से पार्टी के भीतर अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पार्टी के सोशल मीडिया टीम के एक सदस्य ने कहा, ‘वह कैसे हमें अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का प्रयोग करने से रोक सकते हैं। यदि मैं सोशल मीडिया पर अपने मन की बात नहीं लिख पा रहा हूं तो यह असहिष्णुता है। किसी भी सदस्य ने कोई भी अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, कुछ सदस्यों ने जब सरकार राज्य में हिंदुओं की सुरक्षा करने में असफल रही है, तो अपनी नाखुशी जाहिर की है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’

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