समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव क बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि इतना भ्रष्टाचार हर स्तर पर कभी भी उत्तर प्रदेश की जनता ने नहीं देखा होगा।

सपा चीफ ने कहा, “थाना-पुलिस भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं। इस बार भाजपा को चंदा, दान, चढ़ावा और वोट नहीं मिलने वाला है। इन्होंने संविधान, आस्था, मर्यादा और श्रद्धा से खिलवाड़ किया है। हमें उम्मीद है कि प्रभु श्री राम के चढ़ावे को लेकर जो चर्चाएं बनी है, वह सच्चाई अभी और बाहर आएगी।”

इससे पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने कहा था कि प्रभु श्रीराम ने रास्ता दिखा दिया है। भाजपा भ्रष्टाचारी है। थानों, तहसीलों और अस्पतालों में भारी भ्रष्टाचार है। संविधान बदलने के लिए सांसदों को खरीद रही है। प्रभु श्रीराम भाजपा से पहले से हैं।

सपा चीफ ने कहा कि भाजपा ने रामधन चोरी किया है। मर्यादा का एक नाम भगवान श्रीराम का है और दूसरा नाम बाबा साहब का संविधान है। भाजपा ने दोनों को दगा दे दिया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के तार कर्नाटक और महाराष्ट्र से जुड़े हैं। चढ़ावा चोरी का सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी बंद कर दिए गए थे।

एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि जब इटावा में केदारेश्वर भगवान का मंदिर बनाना शुरू किया तो हमें नहीं पता था कि यह श्रीशक्ति अक्ष रेखा पर आ जाएगा। हम तो केवल माध्यम हैं। इसी तरह से भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जानकारी मिली।

उन्होंने कहा कि हिम्मत जुटाकर प्रभु श्रीराम का असली भक्त बनकर हमें ट्वीट करना पड़ गया। सोचिए अगर हम लोग गलत होते तो भाजपा हमारे खिलाफ कितना कुछ प्रचार करती।

महुआ मोइत्रा पर अंडे फेके जाने पर क्या बोले अखिलेश?

सपा चीफ ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे फेंके जाने की घटना की निंदा की और भाजपा पर राजनीतिक हिंसा का माहौल बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने न्यायपालिका और लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने का आग्रह किया और इस घटना को “अत्यंत निंदनीय” बताया। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के दौरे के दौरान मोइत्रा को कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। जिन्होंने उन पर अंडे फेंके।

एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा उन राज्यों में अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रही है जहां पार्टी का शासन है और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में। भाजपा “राजनीतिक हिंसा का जहरीला माहौल” बना रही है और पुलिस का राजनीतिकरण कर रही है।

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “भाजपा अपनी शक्ति का दुरुपयोग करके भाजपा शासित राज्यों विशेषकर प. बंगाल में राजनीतिक हिंसा का विषैला वातावरण बना रही है और पुलिस का राजनीतिकरण कर रही है। इस नकारात्मक-प्रहारात्मक व्यवहार से पूरे देश की जनता बेहद नाराज़ और आक्रोशित है।”

सपा चीफ ने आगे कहा कि यहां तक कि भाजपा के अपने नेता और कार्यकर्ता तक इस तरह के हिंसक हमलों के ख़िलाफ़ हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि आज जहां उनकी सरकारें नहीं हैं, वहां भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के ऊपर अगर ऐसा प्राणघातक हमला होना शुरू हो गया तो क्या होगा या फिर कल को उनकी सरकार जाने के बाद क्या होगा। भाजपा के बड़े नेता तो सुरक्षा घेरे में ख़ुद को बचा लेंगे लेकिन आम कार्यकर्ता को सड़क पर जनाक्रोश का शिकार होने के लिए छोड़ देंगे। माननीय न्यायालय एवं लोकसभा अध्यक्ष तत्काल संज्ञान लें। घोर निंदनीय!

यूपी में ज्यादा सीटें चाहती है कांग्रेस लेकिन 2017 के चुनाव नतीजे से सबक लेते हुए क्या अखिलेश यादव ऐसा करेंगे?

उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या फिर से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में गठबंधन होगा? अगर होता है तो कांग्रेस को कितनी सीटें मिलेंगी। यह सवाल इसलिए खड़े होने लगे हैं क्योंकि यूपी कांग्रेस के नवनियुक्त कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कांग्रेस की सीटों को लेकर बड़ा बयान दिया है। पढ़ें पूरी खबर।