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POCSO कोर्ट में बच्‍चा रेप से मुकरा, अदालत ने मां से 10 फीसदी ब्‍याज लगा मुआवजा लौटाने को कहा

बच्चे के रेप के आरोपों से मुकरने के बाद विशेष POCSO अदालत ने बच्चे की मां को मुआवजे में मिली रकम 10% ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया है।

Author December 8, 2018 11:03 AM
अदालत ने पीड़ित परिवार को मुआवजे की रकम लौटाने का निर्देश दिया है। (file pic)

मुंबई की एक विशेष POCSO (Protection of children from sexual offences) अदालत ने शारीरिक उत्पीड़न के शिकार बच्चे की मां को मुआवजे में सरकार से मिली रकम ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया है। दरअसल पीड़ित बच्चा अदालत में रेप के आरोपों से मुकर गया और आरोपी के खिलाफ भी अदालत को कोई सबूत नहीं मिले। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी के बरी करते हुए पीड़ित बच्चे की मां को निर्देश दिया कि वह घटना के बाद सरकार से मुआवजे में मिली 1 लाख रुपए की रकम को 10% ब्याज सहित लौटाए। ऐसा पहली बार है कि अदालत ने मुआवजे की रकम ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया है।

बता दें कि महिला ने बच्चे के चाचा के खिलाफ ही रेप करने के आरोप लगाए थे। इस घटना में एफआईआर फरवरी, 2015 में की गई थी। दरअसल पीड़ित बच्चा और आरोपी एक ही फ्लोर पर रहते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, बच्चे की मां ने आरोप लगाए कि बच्चा 11 जनवरी, 2015 को शाम के वक्त आरोपी के पास गया था। इसके कुछ देर बाद ही वह रोते हुए वापस आया था। जब बच्चे से इसका कारण पूछा गया तो बच्चे ने चाचा द्वारा शारीरिक उत्पीड़न करने की बात कही थी। बच्चे ने ये भी बताया कि ऐसा उसके साथ 4 बार किया गया है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने आरोपी से जब इस बारे में पूछा तो आरोपी ने माफी मांग ली थी। घर की बात होने के चलते इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी।

लेकिन फरवरी, 2015 में एक बार आरोपी ने बच्चे को कथित तौर पर गलत इशारा किया, जो कि बच्चे की मां ने देख लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने इसका शिकायत पुलिस से की। हालांकि कुछ दिन बाद ही आरोपी को जमानत मिल गई, क्योंकि पुलिस जांच में पता चला कि दोनों परिवारों के बीच किसी मुद्दे पर विवाद है, जिसके बाद अदालत ने भी आरोपी को जमानत दे दी थी। वहीं पीड़ित बच्चे सरकार की तरफ से जुलाई, 2017 में मुआवजा दिया गया था। अब जब एक बार फिर यह मामला अदालत में पहुंचा तो बच्चा रेप के आरोपों से मुकर गया। पुलिस को भी आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला तो अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया और पीड़ित परिवार को सरकार से मिला मुआवजा ब्याज सहित वापस करने का निर्देश दिया। अदालत ने अपने निर्देश में ये भी कहा कि यदि महिला मुआवजे की रकम अगले 2 महीने में ब्याज सहित नहीं लौटाती है तो कानूनी तरीकों से यह रकम रिकवर की जाए।

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