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2019 लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के प्रस्तावक रहे डोम राजा का निधन, पीएम और सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जगदीश चौधरी, पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक भी बने थे। ऐसा पहली बार था जब किसी राजनीतिक दल ने डोम राजा परिवार के सदस्य को चुनाव में प्रस्तावक बनाया था।

yogi adityanath and narendra modiसीएम योगी आदित्य नाथ और पीएम नरेंद्र मोदी। (पीटीआई)

उत्तर प्रदेश में वाराणसी के डोम राजा जगदीश चौधरी का मंगलवार (25 अगस्त, 2020) को शहर के निजी हॉस्पिटल में निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद तुंरत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल में भर्ती होने के कुछ देर बाद उनका निधन हो गया। डोम राजा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने श्रद्धांजलि दी है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि डोम राजा के निधन से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है। ट्वीट में पीएम ने कहा, ‘वाराणसी के डोम राजा जगदीश चौधरी जी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है। वे काशी की संस्कृति में रचे-बसे थे और वहां की सनातन परंपरा के संवाहक रहे। उन्होंने जीवनपर्यंत सामाजिक समरसता के लिए काम किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दे।’

उनके निधन पर सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा, ‘बाबा विश्वनाथ के आराधक डोमराजा श्री जगदीश चौधरी जी के निवास पर पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की अगुवाई में धर्माचार्यों द्वारा सहभोज किया जाना, भेदभाव रहित भारतीय समाज की भावना का अप्रतिम उदाहरण था। दोनों हुतात्माओं की पुण्य स्मृति को प्रणाम!’

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एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘सामाजिक समरसता की भावना के प्रतीक पुरुष, काशीवासी डोमराजा श्री जगदीश चौधरी जी का निधन अत्यंत दुःखद है। श्री जगदीश चौधरी जी का कैलाशगमन सम्पूर्ण भारतीय समाज की एक बड़ी क्षति है। बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि आपको अपने परमधाम में स्थान प्रदान करें। ॐ शांति!’

उल्लेखनीय है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जगदीश चौधरी, पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक भी बने थे। ऐसा पहली बार था जब किसी राजनीतिक दल ने डोम राजा परिवार के सदस्य को चुनाव में प्रस्तावक बनाया था। उस वक्त जगदीश चौधरी ने इस बात को लेकर खुशी का भी इजहार किया था।

मोदी द्वारा प्रस्तावक बनाए जाने के बाद उन्होंने कहा था कि पहली बार किसी राजनीतिक दल ने हमें पहचान दी है। हम बरसों से लानत झेलते आए। हालात पहले सुधरे जरूर , मगर समाज में हमें पहचान हीं है।

उल्लेखनीय है कि वाराणसी में अंतिम संस्कार मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर होता है। दोनों घाटों पर अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी डोम समाज के पास है। मनुष्य के अंतिम संस्कार के दौरान डोम बिरादरी की प्रमुख भूमिका होती है। बिहार और उत्तर प्रदेश में इस बिरादरी के मुखिया को डोम राजा कहकर बुलाया जाता है।

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