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‘पीएम मोदी ने इतिहास पढ़ा नहीं, विचारधारा गुलामी वाली और गाली कांग्रेस को देते हैं’

प्रधानमंत्री ने इतिहास को गलत तरीके से पेश किया : कांग्रेस नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरदार पटेल के प्रधानमंत्री नहीं बन पाने के बारे में कल संसद में दिये गये बयान की आलोचना करते हुए उन पर लोगों को गुमराह करने और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।

Author नई दिल्ली | February 9, 2018 1:02 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरदार पटेल के प्रधानमंत्री नहीं बन पाने के बारे में कल संसद में दिये गये बयान की आलोचना करते हुए उन पर लोगों को गुमराह करने और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने आज संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास को गलत तरीके से पेश किया, लोगों को गुमराह किया और इतिहास को अपमानित करने का काम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए संसद में कल कहा था कि कांग्रेस के नेतागण सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे किंतु इन नेताओं की अनेदखी कर बाद में जवाहरलाल नेहरू को देश का प्रथम प्रधानमंत्री बना दिया। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश के इतिहास के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस संविधान की शपथ लेकर मोदी प्रधानमंत्री बने उसकी प्रस्तावना में वह प्रस्ताव था जो नेहरू ने दिसंबर 1946 में संविधान सभा में पेश किया था। उन्होंने कहा कि वही प्रस्ताव आधार बना भारत को प्रजातंत्र और गणतंत्र बनाने का। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पूरा यकीन है कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास नहीं पढ़ा है क्योंकि वह उस विचारधारा और सोच के वारिस हैं, जिन्होंने हिंदुस्तान की आजादी के संघर्ष में भाग नहीं लिया। आजादी के संघर्ष के महानायक महात्मा गाँधी जी थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अगुवाई में पंडित जवाहर लाल नेहरु, सरदार बल्लभ भाई पटेल, मौलाना आजाद, राजेन्द्र प्रसाद और अन्य बड़े नेताओं ने संघर्ष में भाग लिया था।’’ शर्मा ने कहा कि पटेल ने अपने एक आलेख में नेहरू की काफी प्रशंसा की थी।

प्रधानमंत्री द्वारा कल राज्यसभा में कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी के बारे में की गयी टिप्पणी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री ने अपनी पद की गरिमा को गिराकर इस तरह की भाषा का प्रयोग किया। राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब के समय प्रधानमंत्री जब किसी बिन्दु को रख रहे थे तो कांग्रेस सदस्य रेणुका चौधरी हंसने लगी थीं। सभापति एम वेंकैया नायडू ने उन्हें ऐसा करने से रोका। इस पर प्रधानमंत्री ने सभापति से कहा कि वह रेणुका को न रोकें क्योंकि रामायाण टीवी धारावाहिक खत्म होने के बाद पहली बार उन्हें ऐसी हंसी सुनने को मिली है।

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