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चीन को अंगूठा दिखा पीएम मोदी पहुंचे अरुणाचल प्रदेश, बोले- यहां ‘जय हिंद’ से लोग करते हैं अभिवादन

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रुप से लोगों से कन्वेंशन सेंटर में अहम बैठकें करने के लिए अरुणाचल प्रदेश जाने को कहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार को किसी परियोजना के उद्घाटन का बाट नहीं जोहने बल्कि उसके पूरा हो जाने पर उसका इस्तेमाल शुरु करने का निर्देश दिया है।

Author February 16, 2018 12:07 AM
मोदी ने जनसभा में कहा , ‘‘मैं आप सभी से मिले बगैर नहीं रह सकता।’’( Photo Source: BJP Twitter)

चीन के विरोध के साये के बीच अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सीमावर्ती राज्य के देशभक्ति के जज्बे की सराहना की और कहा कि लोग एक दूसरे का ‘जय हिंद’ कहकर अभिवादन करते हैं। उन्होंने नयी दिल्ली-नहरलगुन एक्सप्रेस का नाम बदलकर ‘अरुणाचल एक्सप्रेस’ करने की घोषणा की। मोदी की इस दूसरी अरुणाचल प्रदेश यात्रा का चीन ने जबर्दस्त विरोध किया है और उसने भारत से कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की है जिससे सीमा का प्रश्न और जटिल हो जाए। पिछले साल डोकलाम में चीनी सैनिकों के साथ हुए सेना के गतिरोध के बाद प्रधानमंत्री की इस सीमावर्ती राज्य की यह पहली यात्रा है।

इससे पहले मोदी ने फरवरी, 2015 में अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की थी। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताकर उसपर दावा करता है। मोदी ने आज यहां जनसभा में कहा , ‘‘मैं आप सभी से मिले बगैर नहीं रह सकता।’’ अरुणाचल प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा में मोदी ने राज्य सिविल सचिवालय के भवन को लोगों को सर्मिपत किया, टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस के अकादमिक ब्लॉक की आधारशिला रखी और दोरजी खांडू राज्य कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने यहां इंदिरा गांधी पार्क में जनसभा में कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश की मेरी यात्रा राज्य की तीन अहम परियोजनाओं के संबंध में है। सचिवालय पहले ही चालू हो चुका है और यह राज्य सरकार द्वारा उठाया गया अच्छा कदम है। ’’ उन्होंने यह कहते हुए अरुणाचल प्रदेश के लोगों के देशभक्ति के जज्बे की प्रशंसा की कि वे ‘जय हिंद’ कहकर एक दूसरे का अभिवादन करते हैं।

मोदी ने ऐलान किया कि नयी दिल्ली-नहरलगुन एक्सप्रेस ट्रेन अब ‘अरुणाचल एक्सप्रेस’ के नाम से जानी जाएगी। यह ट्रेन राज्य के लोगों को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ती है। यह ट्रेन हफ्ते में एक के बजाय अब दो दिन चलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पेमा खांडू की उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों को लेकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने इस बात के लिए बिल्कुल उत्तम रोडमैप बनाया है कि वर्ष 2027 में अरुणाचल प्रदेश कैसा होना चाहिए। वह केवल अधिकारियों से ही नहीं बल्कि जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों से जानकारी लेते हैं।’’

अन्य मुद्दों पर मोदी ने केंद्र की पिछली संप्रग सरकार पर पूर्वोत्तर की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी है और मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी नियमित तौर पर क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। क्षेत्र के महत्व पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में ही सारी अहम बैठकें नहीं होनी चाहिएं, बल्कि ‘‘हमें सभी राज्यों में जाना चाहिए। और इसलिए मैं पूर्वोत्तर परिषद की बैठक के लिए शिलॉंग आया। सिक्किम में कृषि से जुड़ी एक अहम बैठक की गई थी।’’ मनमोहन सिंह का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री काम का बोझ होने का बहाना बनाकर राज्य के दौरे पर नहीं आते थे। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं ऐसा प्रधानमंत्री हूं जो आप सब से मिले बगैर नहीं रह सकता।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रुप से लोगों से कन्वेंशन सेंटर में अहम बैठकें करने के लिए अरुणाचल प्रदेश जाने को कहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार को किसी परियोजना के उद्घाटन का बाट नहीं जोहने बल्कि उसके पूरा हो जाने पर उसका इस्तेमाल शुरु करने का निर्देश दिया है। मोदी ने आयुष्मान भारत योजना को एक अहम पहल करार देते हुए कहा, ‘‘इस योजना का दायरा असमानांतर है और इससे हमारे स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अनुकरणीय बदलाव आएगा। यह भारत को एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली देने का वक्त है जो पांच लाख रुपये प्रति परिवार की सीमा में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराती है।’’ भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मुहिम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र ने करीब 400 सरकारी योजनाओं में आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से 54,000 करोड़ रुपये बचाये हैं।’

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