ताज़ा खबर
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदर्श ग्राम योजना को ठेंगा दिखा रहे हैं इटावा के सांसद

भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे मानते हैं कि गोद लिए महेवा गांव में जिस स्तर पर कार्य होने चाहिए थे, वह नहीं हो सके हैं।

Author इटावा | June 12, 2016 12:21 AM
इस गांव में प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक हैं रहते। (Representative Image)

मोदी लहर में जीत हासिल करने वाले इटावा के भाजपा सांसद अशोक दोहरे खुद अपनी ही सरकार की योजना को पलीता लगाने में जुटे हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस सांसद आदर्श ग्राम योजना के जरिए गांवों के विकास का सपना देखा था जिले में यह योजना अब तक फ्लॉप साबित हुई है। आदर्श ग्राम योजना के तहत सांसद अशोक दोहरे ने महेवा गांव को गोद तो ले लिया लेकिन उसके बाद उन्होंने बेरुखी ओढ़ ली। उन्होंने गांव के विकास को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई। लिहाजा गांव की बदहाली खुद इस योजना के फ्लॉप होने का गवाह बनी हुई है।

केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर इन दिनों उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री के स्तर से भले ही जनहितकारी योजनाएं शुरू हुई हैं लेकिन क्रियान्वयन के स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी कड़ी में 11 अक्तूबर 2014 में गांवों की दशा सुधारने के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू हुई थी। इसके तहत सांसद को एक गांव गोद लेना था और कार्ययोजना बनाकर उस गांव का विकास करना था। गांव के कायाकल्प के लिए कुल 41 बिंदु शामिल किए गए हैं। इसमें शिक्षा, खेल, पेयजल, स्वयं सहायता समूह, जल निकास, कौशल विकास, नशा उन्मूलन को लेकर कार्यों को प्रमुखता दी गई है। दोहरे ने महेवा ब्लाक क्षेत्र के गांव महेवा को गोद लिया हुआ है। करीब डेढ़ साल गुजरने को है लेकिन न इस गांव की किस्मत बदली है और न यहां के वाशिंदों की। महेवा गांव आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसूू बहा रहा है।

अधिकारियों के स्तर से बरती गई लापरवाही के अलावा खुद सांसद ने अपने गोद लिए गांव की सुध नहीं ली। ग्रामीण उम्मीद पाले रहे कि सांसद आएंगे और उनके दुख दर्द सुन कर दूर करेंगे। लेकिन ग्रामीणों की यह इच्छा अब तक अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों में सांसद की बेरुखी को लेकर मलाल बना हुआ है। इस संबंध में सांसद दोहरे से संपर्क के प्रयास किए गए तो उनका मोबाइल स्विच आॅफ मिला।

1912 में स्थापित गांव का पशु अस्पताल खंडहर में तब्दील हो चुका है। अंग्रेजों के जमाने का नहर विभाग का निरीक्षण भवन गिरने की हालत में है। इसमें लगी कीमती लकड़ी को लोग काटकर ले जा रहे हैं। पायलट वर्कशॉप, मटर फैक्टरी भी जर्जर हालत में पहुंच चुका है। गांव में आज भी लोग जल निकासी न होने की समस्या झेल रहे हैं। पीने के पानी का संकट बना हुआ है। लोगों को उच्च शिक्षा, बेहतर बस स्टैंड, तहसील के निर्माण, रोजगार आदि मिलने की उम्मीद थी जो धीरे-धीरे टूट रही है। अहेरीपुर-अंदावा मार्ग चलने लायक नहीं है। पिछले साल डीएम नितिन बंसल ने ब्लॉक सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों व ग्रामीणों के साथ मिलकर खुली बैठक की थी। इसमें कार्य योजना तैयार की गई थी। लेकिन इस कवायद के बाद आजतक कार्य योजना जमीन पर नहीं आ सकी है। बिजली विभाग ने जरूर कुछ काम कराए हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे मानते हैं कि गोद लिए महेवा गांव में जिस स्तर पर कार्य होने चाहिए थे, वह नहीं हो सके हैं। सांसद ने अपनी निधि का भी यहां कोई प्रयोग नहीं किया है। हालांकि कार्ययोजना बन चुकी है। ऐसे में आगे कार्य होने की उम्मीद है। वह सांसद से अपनी निधि से कार्य कराने को कहेंगे। वैसे राज्य सरकार भी इसमें पर्याप्त सहयोग नहीं दे रही है। बीडीसी कमला दुबे का कहना है कि जिस जोर शोर से प्रचार प्रसार हुआ था उसका एक फीसद भी कार्य जमीन पर हो जाता तो आज वह नजर आता। लेकिन महेवा गांव आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। महेवा व्यापर मंडल अध्यक्ष मिथुन पांडेय का कहना है कि गांव को गोद लेने के बाद सांसद ने कोई ध्यान नहीं दिया तो अफसरों ने भी कोई रुचि नहीं ली। इसलिए यह योजना जमीन पर फलफूल नहीं सकी।

महेवा ब्लाक के बीडीओ गंगाराम का कहना है कि सभी विभागों ने कार्य योजना बनाई है। फिलहाल आवास व शौचालयों के निर्माण का कार्य चल रहा है। कार्य योजना के अनुरूप कार्य कराए जाने पर बल दिया जा रहा है। इटावा इकाई के भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे मानते हैं कि गोद लिए महेवा गांव में जिस स्तर पर कार्य होने चाहिए थे वह नहीं हो सके हैं। सांसद ने अपनी निधि का भी यहां कोई प्रयोग नहीं किया है। वह सांसद से अपनी निधि से कार्य कराने को कहेंगे। वैसे राज्य सरकार भी इसमें पर्याप्त सहयोग नहीं दे रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App