तमिलनाडु पुलिस ने तीन लोगों को सत्ताधारी दल टीवीके के विधायकों को तोड़कर सरकार गिराने के आरोप में गिरफ्तार किया। तमिलनाडु के खुफिया विभाग के अनुसार ये लोग सत्ताधारी दल टीवीके के 15 विधायकों को एक साथ इस्तीफा दिलवानी की साजिश रच रहे थे। तमिलनाडु पुलिस द्वारा बुधवार को दी गयी जानकारी के अनुसार जांच में डीएमके के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार का नाम सामने आया है। दोनों पर ही सरकार गिराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

टीवीके के एक विधायक की शिकायत पर खुफिया विभाग के अफसर ने जांच की और एक कंसल्टेंसी फर्म के कर्मचारी को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान अफसरों को पता चला कि इसके तार डीएमके के विधायक और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी से जुड़े हुए हैं। इसके बाद दो और लोगों की गिरफ्तारी हुई और उनसे पूछताछ की गई। पहले शख्स को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया जबकि बाकी दो लोगों की गिरफ्तारी करूर से हुई। खुफिया विभाग के अफसर इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

तमिलनाडु में इस साल मई में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी तमिल वेत्री कड़गम (टीवीके) को 108 सीटों पर जीत मिली थी। विजय ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। तमिलनाडु में कुल 234 विधान सभा सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। विजय द्वारा एक सीट छोड़ने के बाद उन्हें बहुमत के लिए 11 अन्य विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। कांग्रेस, कम्युनिस्ट दलों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन से उन्होंने सदन में बहुमत साबित किया था। बहुमत परीक्षण में कई एआईएडीएमके विधायकों ने उनके पक्ष में क्रास-वोटिंग की थी।

टीवीके विधायक एन. इलायाराजा ने की शिकायत

इस मामले में उथंगराई से टीवीके विधायक एन. इलायाराजा ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इलायाराजा ने आरोप लगाया कि आईपीडीएस नाम की कंसल्टेसी फर्म के एक व्यक्ति ने उन्हें तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर जेसीडी प्रभाकर (टीवीके नेता) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। विधायक ने आरोप लगाया था कि उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि वे इस प्रस्ताव के बारे में किसी को न बताएं।

एनडीटीवी के मुताबिक, सूत्रों ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक का करीबी है।

मंत्री ने बोला डीएमके पर हमला

मामले के सामने आने के बाद तमिलनाडु के मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने डीएमके पर हमला बोला। कुमार ने कहा, “सेंथिल बालाजी से सीधे तौर पर जुड़े लोग, साथ ही तथाकथित ‘करूर गैंग’ के सदस्य भी इस मामले में सीधे तौर पर शामिल हैं। पुलिस को कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए।”

मंत्री ने आरोप लगाया कि डीएमके एआईएडीएमके के प्रमुख पलानीस्वामी के साथ मिलकर विजय के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीवीके के कई विधायकों को दल बदल करने के लिए पैसे देने की पेशकश की गई है।

50 करोड़ तक की पेशकश

टीवीके सरकार में मंत्री निर्मल कुमार ने दावा किया, “पलानीस्वामी और अन्य लोग गुपचुप तरीके से सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। आज हम उसका नतीजा देख रहे हैं। एमके स्टालिन और उदयनिधि के इशारे पर काम करते हुए सेंथिल बालाजी जैसे डीएमके के प्रमुख नेता हमारे कई विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। वे उन्हें 10 करोड़, 20 करोड़ या यहां तक ​​कि 50 करोड़ रुपये की रकम की पेशकश कर रहे हैं। ऐसा कोई विधायक नहीं है जिससे उन्होंने संपर्क न किया हो।”

सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करके दिखाए सरकार- डीएमके

डीएमके ने टीवीके सरकार पर जांच से जुड़ी जानकारी लीक करने का आरोप लगाया। डीएमके के प्रवक्ता ए. सरवनन ने एनडीटीवी को बताया, “टीवीके जांच से जुड़ी जानकारी लीक करके सिर्फ जनता के बीच सनसनी फैलाना चाहती है। इससे पता चलता है कि उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है और वे सिर्फ एक मनगढ़ंत कहानी बनाना चाहते हैं।”

सरवनन ने टीवीके सरकार को चुनौती दी कि अगर उसके पास पुख्ता सबूत हैं तो वह सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करके दिखाए।

मुख्यमंत्री विजय और सेंथिल बालाजी के बीच संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। बालाजी करूर से आते हैं, जहां पर विजय की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय ने तब बालाजी पर उन्हें बदनाम करने के लिए भगदड़ की साजिश रचने का आरोप लगाया था हालांकि बालाजी ने इस तरह के आरोपों को गलत बताया था।

पूर्व सीएम स्टालिन का बयान

दो दिन पहले तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री जोसेफ स्टालिन ने डीएमके कार्यकर्ताओं से मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा था। स्टालिन ने दावा किया था कि जोसेफ विजय सरकार जल्द गिर सकती है।

विधान सभा चुनाव में सत्ताधारी डीएमके को करारी हाल मिली थी और उसे केवल 59 सीटों पर जीत मिली। वहीं पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीती।

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय एक मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहे हैं। इस ऐप का उद्देश्य पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की शिकायतों का तेजी से समाधान करना है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।