Shamli Conversion Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में आयुष मलिक के धर्मांतरण मामले में अब नया ट्विस्ट सामने आया है। हिन्दू से इस्लाम धर्म को अपनाने वाला मोहम्मद अली (आयुष मलिक) ने दोबारा हिन्दू सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है। उनके परिवार का कहना है कि माता-पिता को हुई परेशानी को देखते हुए उन्होंने अपनी मर्जी से दोबारा हिंदू धर्म अपनाया है।
उनकी वापसी के बाद सामने आए एक वीडियो में आयुष हिंदू रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में वे कहते हैं कि उन्होंने इस्लाम अपनाया था, लेकिन अब उन्होंने अपनी मर्जी से सनातन धर्म में लौटने और अपने परिवार के साथ रहने का फैसला किया है।
वीडियो में आयुष ने क्या कहा?
वीडियो में आयुष कहते हैं, “मैंने इस्लाम अपनाकर अपना धर्म बदल लिया था। लेकिन आप लोगों का दुख देखकर और अपने परिवार का ध्यान रखते हुए, मैं अपनी मर्जी से हिंदू धर्म में लौट आया हूं। मैं अपने परिवार की देखरेख और सुरक्षा में रहना चाहता हूं। आप मुझे माफ करना।”
उनके पिता देवराज मलिक ने दावा किया कि उनके बेटे ने औपचारिक रूप से सनातन धर्म को फिर से अपना लिया है। इससे पहले देवराज मलिक ने आरोप लगाया था कि चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत आयुष का ब्रेनवॉश किया और परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए ‘मोहम्मद अली’ नाम से उसका धर्म-परिवर्तन करा दिया था।
चांदनी कुरैशी और इस्लाम कुरैशी को किया था गिरफ्तार
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम देवराज मलिक की शिकायत पर फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किए जाने के कुछ हफ्ते के बाद सामने आया है। एफआईआर के मुताबिक, बी-फार्मा ग्रेजुएट आयुष पहली बार 2018 में एक स्थानीय अस्पताल में पैर की चोट का इलाज कराते समय चांदनी से मिले थे। इसके बाद चांदनी और उनके परिवार के सदस्यों ने धीरे-धीरे आयुष को इस्लाम अपनाने के लिए प्रभावित किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2023 में आयुष को दिल्ली ले जाया गया, जहां उनका धर्म-परिवर्तन कराकर उन्हें ‘मोहम्मद अली’ नाम दिया गया। इसमें यह भी दावा किया गया है कि दिल्ली में निकाह की रस्म हुई थी, हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कोई मैरिज सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
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उत्तर प्रदेश के शामली के 72 वर्षीय व्यापारी रहीसुद्दीन ने शुक्रवार (26 जून) को राहत की सांस ली। वर्ष 2000 में उनके 12 साल के बेटे की हत्या हो गई थी। अब 26 साल बाद रहीसुद्दीन के 12 साल के बेटे की हत्या के आरोपी हिस्ट्रीशीटर को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया है। पुलिस ने बताया कि 37 साल का आरोपी रहीसुद्दीन के बेटे आरिफ की हत्या के समय नाबालिग था। उसके खिलाफ शामली, सहारनपुर और हरियाणा के पानीपत जिले में हत्या, लूट, डकैती और जबरन वसूली के 47 अपराधिक मामले दर्ज थे। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
