ताज़ा खबर
 

खिलाड़ी और सम्मान: ओलंपिक पदक विजेता के सुनहरे दिन

प्रदेश के खेलमंत्री चेतन चौहान ने कई घोषणाएं कीं। चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। बीते 17 महीनों में ही बदलाव दिख रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स- एपी)

संदीप भूषण

उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को अब नौकरी और पैसे के लिए किसी और राज्य से खेलने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले हर खिलाड़ी को राज्य में ही नौकरी दी जाएगी। ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ी को छह करोड़, रजत जीतने वाले को चार और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए दिए जाएंगे। साथ ही खेलों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए युवक मंगल दल बनाया गया है। प्रो कबड्डी लीग की टीम यूपी योद्धा के जर्सी लांच कार्यक्रम में प्रदेश के खेलमंत्री चेतन चौहान ने ये घोषणाएं कीं।

चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। बीते 17 महीनों में ही बदलाव दिख रहा है। उन्होंने कहा कि अब राज्य के खिलाड़ियों को नौकरी और पैसे की चिंता छोड़कर मैदान पर अपने प्रदर्शन पर ध्यान लगाना चाहिए। उनकी सहायता के लिए सरकार खड़ी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने पदक विजेताओं को मिलने वाली पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी का फैसला किया है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को 50 लाख, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 30 और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 20 लाख रुपए दिए जाएंगे।

खिलाड़ियों को मिलने वाली नौकरी के बारे में उन्होंने कहा कि जिन नौकरियों में स्नातक डिग्री की जरूरत है और खिलाड़ी के पास डिग्री नहीं है तो उन्हें चार साल का समय दिया जाएगा। राज्य सरकार की नीति के कारण अब खिलाड़ी राज्य में वापस आ रहे हैं। 2018 एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के 44 खिलाड़ियों ने भाग लिया था जिसमें से 11 खिलाड़ियों ने पदक जीता है। खेलमंत्री ने कहा कि पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ बचे खिलाड़ियों को भी सरकार पांच-पांच लाख रुपए देगी। दो अक्तूबर को आयोजित होने वाले समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

चौहान ने खेलों इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए युवक मंगल दल बनाए गए हैं। यह दल शुरुआत में 18 हजार गांवों में हर महीने खेलों का आयोजन करेगा जिसमें मुख्य रूप से कबड्डी और खो-खो शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वैसे खिलाड़ी जो अब रिटायर हो चुके हैं या वृद्धावस्था में हैं उनके प्रदर्शन को देखते हुए सरकार उन्हें 20 हजार रुपए प्रति माह पेंशन देगी। साथ ही हर तहसील में एक मिनी स्टेडियम तैयार किया जाएगा ताकि वहां के खिलाड़ी अपनी तैयारी आसानी से कर सकें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App