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उदयपुर हत्‍याकांड से जुड़ा दावत ए इस्‍लामी यूपी में जुटा फंड, अब सीएम योगी के सामने पहुंचेगा मामला

बीजेपी विधायक ने दावत ए इस्लामी संगठन को बड़ा खतरा बताया है। इस मुद्दे को सीएम योगी के सामने उठाया जाएगा।

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सीएम योगी।( फोटो सोर्स: @myogiadityanath)

उदयपुर हत्याकांड के बाद दावत-ए-इस्लामी संगठन सुर्खियों में आया है। इसका नेटवर्क भारत सहित दुनिया भर में फैला हुआ है। भारत में दिल्ली और मुंबई में इसका हेडक्वार्टर है। इसका संचालन पाकिस्तान से हो रहा है और बताया जा रहा है की पीलीभीत में दावत-ए-इस्लामी का नेटवर्क 2005 से फैलना शुरू हुआ था। पीलीभीत शहर काजी ने कहा कि दावत-ए-इस्लामी के पाकिस्तानी संगठन है। इसके जो भी सदस्य होंगे वो हरे रंग का साफा पहने दिखाई देंगे।

केंद्रीय जांच एजेंसियों ने माना है कि अब आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए हथियारों के साथ साथ बड़े स्तर पर सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। गृह मंत्रालय को भेजी गई जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। देश की सुरक्षा में तैनात ख़ुफ़िया तंत्र से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक देश में 5 कट्टर आतंकी संगठन उत्तरी और मध्य इलाकों में काफी ज़्यादा एक्टिव हो गए हैं। इनमें 500 से ज्यादा टेरर प्रोफेसर्स, 1500 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप, फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब के जरिए आतंक के क्लासरूम चला रहे हैं।

पीलीभीत से भाजपा विधायक प्रवक्तानंद ने बताया कि शहर में कई जगह दुकानों पर फंड जुटाने के लिए गुल्लकें रखवाई गईं हैं। ऐसी चीजें संज्ञान में आई हैं। ये बड़ा ही संवेदनशील मामला है। इस मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। उनसे कहूंगा कि इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। ऐसे लोगों के साथ कठोर से कठोर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

बीजेपी विधायक ने दावत ए इस्लामी संगठन को बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि शरहदी जिला होने के कारण कभी भी कोई आतंकी घटना हो सकती है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से मिलकर की जाएगी। 8 जुलाई को मुख्यमंत्री के सामने इस मामले को उठाया जाएगा। उदयपुर हत्याकांड के बाद दावत-ए-इस्लामी संगठन सुर्खियों में आया है।

शहर काजी मौलाना जरताब ने कहा, ‘मैं इस मामले का आए दिन और मीडिया के जरिए विरोध करता रहता हूं। उन्होंने कहा कि 2019 में मैंने शहर में एक तकरीर करी थी। उस तकरीर में मैंने कहा था कि इस तंजीम से अपने बच्चों को बचा लें। वरना भविष्य में ये तंजीम और यह संगठन आपके बच्चों को कहां लेकर जाएगा, कहां फंसाया, कहां मरवाया, किस जगह इस्तेमाल करे। इसका सरगना पाकिस्तावन में बैठा हुआ है।

दावत-ए-इस्लामी संगठन पीलीभीत में कई सालों से सक्रिय है। वह यहां के कई मदरसों को चलाने के साथ लगभग 250 दुकानों पर गुल्लक रखकर चंदा इकट्ठा कर रहा है। पीलीभीत के लगभग हर बाजार में दुकानदारों के यहां काउंटर पर वह गुल्लक रखी हुई है, जिसमें दावत-ए-इस्लामी को दान देने की अपील है।

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