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राम मंदिर नहीं बना तो बीजेपी से उठ जाएगा लोगों का भरोसा: रामदेव

राम हमारे पूर्वज हैं, हमारी संस्कृति, गौरव और हमारी आत्मा हैं। उन्हें राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’

Author , अहमदाबाद | December 3, 2018 10:24 AM
योग गुरु बाबा रामदेव (फोटो सोर्स : Indian Express)

योग गुरु रामदेव ने रविवार को यहां राम मंदिर के निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग करते हुए कहा कि अगर अयोध्या में मंदिर का निर्माण नहीं हुआ तो लोगों का भाजपा पर से भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘एक लोकतंत्र में संसद न्याय के लिए शीर्ष मंदिर है और नरेंद्र मोदी सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए एक अध्यादेश ला सकती है।’’ योग गुरु ने कहा, ‘‘अगर मंदिर नहीं बना, वह भी तब जब करोड़ों लोग उसे बनते हुए देखना चाहते हैं तो लोगों का भाजपा पर से भरोसा उठ जाएगा जो पार्टी के लिए अच्छा नहीं होगा।’’ रामदेव की यह टिप्पणी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में तेजी लाने की मांग के बीच आयी है।
उन्होंने कहा, ‘‘राम राजनीति का विषय नहीं हैं बल्कि देश का गौरव हैं।

राम हमारे पूर्वज हैं, हमारी संस्कृति, गौरव और हमारी आत्मा हैं। उन्हें राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि अगर लोगों को खुद से मंदिर बनाना है तो इसका मतलब होगा कि ‘‘वे या तो न्यायपालिका या संसद का सम्मान नहीं करते।’’ पिछले सप्ताह, देश के विभिन्न हिस्सों से ‘राम भक्त’ मंदिर के निर्माण पर जोर देने के लिए एक दक्षिण पंथी समूह विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित जनसभा में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए थे।

वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी से बड़ी खबर है। अयोध्या के तपस्वीजी की छावनी के महंत परमहंस महराज ने शनिवार को कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की घोषणा 6 दिसंबर को नहीं हुई तो वह सीतामढ़ी की मिट्टी का लेप कर चिता पर बैठ आत्मदाह कर लेंगे। संत ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति और आरएसएस एवं विहिप की कूटिनीति की वजह से अयोध्या में राममंदिर का निर्माण नहीं हो रहा है।

उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान सीतामढ़ी में आयोजित ‘धिक्कार सभा’ के आयोजन के दौरान वह प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर बरसे। हनुमानजी को दलित कहने पर उन्होंने कुछ खास नहीं कहा।

स्वामी परमहंस ने सीतामढ़ी स्थित वाल्मीकि आश्रम में आयोजित धिक्कार सभा में कहा कि भगवान श्रीराम की सहधर्मिणी आदिशक्ति माता सीता की समाहित स्थली की पवित्र मिट्टी को माथे पर लगाकर आत्मदाह करेंगे। इसके लिए वह यहां से मिट्टी लेने आए हैं।

इस दौरान उन्होंने गंगा पूजन भी किया और घंटा बजाकर ऐलान किया कि वह रविवार को सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में मिट्टी को संकलित करेंगे और उसी मिट्टी को लगाकर 6 दिसंबर को मंदिर निर्माण की घोषणा न होने पर आत्मदाह करेंगे।

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