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द्रविड़ पार्टियों का मजबूत विकल्प है पीडब्ल्यूएफ: येचुरी

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि पीपल्स वेलफेयर फ्रंट (पीडब्ल्यूएफ) द्रमुक और अन्नाद्रमुक का ‘मजबूत विकल्प’ बनकर उभरा है
Author मदुरै | January 27, 2016 23:16 pm
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि पीपल्स वेलफेयर फ्रंट (पीडब्ल्यूएफ) द्रमुक और अन्नाद्रमुक का ‘मजबूत विकल्प’ बनकर उभरा है और दोनों बड़ी द्रविड़ पार्टियां ‘भ्रष्टाचार के लिए दंडित की जानी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘चार दशकों से भी अधिक समय से बारी-बारी से तमिलनाडु में सत्ता पर काबिज द्रविड़ पार्टियों को उनकी राजनीतिक गलतियों और भ्रष्टाचार के लिए सजा दी जानी चाहिए। लोग दोनों दलों द्वारा बड़े स्तर पर किए गए भ्रष्टाचार से नाखुश हैं और इन पार्टियों के नेता आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।’ येचुरी ने कल देर रात यहां पीडब्ल्यूएफ के राज्य सम्मेलन का उद्घाटन किया। वामदल, एमडीएमके और विदुथलाई चिरुथैगल काची पीडब्ल्यूएफ का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, ‘लोगों को लगता है कि वह काफी सह चुके हैं, लेकिन उन्हें विकल्प की तलाश है। यह विकल्प अब सामने आ गया है।’ येचुरी ने राज्य में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के मामले पर कहा कि यह संभव है अगर राजस्व को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ‘बड़े औद्योगिक घरानों को कर में दी जाने वाली पांच लाख करोड़ रुपए की छूट वापस ले ली जाए।’ येचुरी ने कहा, ‘हम केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पूर्ण प्रतिबंध लागू कर सकते हैं।’ भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि फ्रंट के साझे न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) को स्वीकार करके और दल इसमें शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में शराब की दुकानें बंद करने की बात भी शामिल हैं।

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डी राजा ने कहा, ‘हमने यह गठबंधन इसलिए किया है, क्योंकि हम अलग तरह से सोचते हैं और राज्य में लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक अलग रास्ता अपनाना चाहते हैं।’ वीसीके के नेता तिरुमावलवन ने कहा कि ्रदमुक पार्टी 1967 में उस समय राज्य में ताकत बनकर उभरी थी, जब लोग कांग्रेस के शासन से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘इसी तरह की निराशा अब द्रविड़ पार्टियों को लेकर है। लोग भ्रष्ट द्रमुक और अन्नाद्रमुक से नाराज हैं। वे बदलाव चाहते हैं और यही हमारी ताकत है। हम सत्ता हासिल करेंगे।’

एमडीएमके के नेता वाइको ने कहा, ‘राज्य में हत्याएं, लूटपाट, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं द्रमुक और अन्नाद्रमुक के शासन में कई हजारों का आंकड़ा पार कर चुकी हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘द्रमुक ने 1996 में तमिलनाडु में पूर्ण मद्यनिषेध लागू करने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने अपने शासन में 10 वर्षांे में ऐसा नहीं किया। वे अब फिर से वही वादा कर रहे हैं। यह कितना भरोसेमंद है।’ पीडब्ल्यूएफ के नेता ने कहा कि उनके सीएमपी में ईमानदार शासन, लोगों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय, लोकायुक्त स्थापित करने, कृषि ऋण माफ करने, श्रीलंका से कछातीवु फिर से हासिल करने और लोगों द्वारा भ्रष्ट तरीकों से कमाई गई संपत्ति जब्त करने की बात शामिल है।

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