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मेट्रो के निर्माण कार्य के खिलाफ एकजुट हुए लोग, धरना-प्रदर्शन शुरू

एक बार फिर त्रिलोकपुरी के लोग आर-पार के मूड में हैं। इस बार उनकी लड़ाई सीधे तौर पर दिल्ली मेट्रो प्रशासन से है।

एक अनुमान के मुताबिक जनकपुरी वेस्ट-कालिंदी कुंज के बीच 3, 61, 356 लोग हर दिन सफर करेंगे। (फोटो डीएमआरसी)

एक बार फिर त्रिलोकपुरी के लोग आर-पार के मूड में हैं। इस बार उनकी लड़ाई सीधे तौर पर दिल्ली मेट्रो प्रशासन से है। यहां के ब्लाक 16-17-18 ग्रीन बेल्ट में मेट्रो निर्माण के दौरान उजाड़े गए घरों को बसाने को लेकर है। स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए इलाके के हरेक ब्लाक, चौराहे और चप्पे-चप्पे पर करीब एक हजार पुलिस वालों की तैनाती कर दी है। उधर स्थानीय लोगों ने भी हरियाली बचाओ-जीवन बचाओ के नारे देकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के निर्देश पर मेट्रो का निर्माण होना है लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था करना उनकी जिम्मेवारी है।

त्रिलोकपुरी 13 इंदिरा गांधी महिला पार्क से 18 ब्लाक धर्मशिला अस्पताल चौराहे तक के ग्रीन बेल्ट को मेट्रो ने आवास के लिए कोर्ट से मंजूरी ले ली है। डीडीए ने जब पूर्व केंद्रीय मंत्री एचकेएल भगत के समय यहां 22 गज के पुनर्वास कालोनी का निर्माण किया था, तब से यहां के लोगों के लिए डीडीए ने एक ग्रीन बेल्ट की जगह भी छोड़ रखी थी। पर मेट्रो के निर्माण के दौरान यहीं के 15 ब्लाक के जिन 108 घरों को तोड़ा जाना है उसके पुनर्वास के लिए मेट्रो इस ग्रीन बेल्ट में 108 फ्लैट बना रहा है।

लोगों का विरोध इसी बात को लेकर है। ग्रीन बेल्ट बचाओ समिति के संयोजक महेश उज्जैनवाल कहते हैं कि हम विकास के विरोधी नहीं हैं पर जो जगह हमारी सांस लेने के लिए है उसे हम कैसे सरकार को सौंप सकते हैं। इससे पहले इंदिरा गांधी महिला पार्क में निर्माण किया गया और अब डीडीए से मिले 20 हजार परिवार के सांसों को रोकने की साजिश रची गई है। मौजूदा समय में यह जगह दिल्ली सरकार के दिल्ली शहरी आश्रय बोर्ड (डुसूब) के अधीन है।

भलाई समाज के अध्यक्ष कल्याण जी और 16 ब्लाक के निवासी सुग्रीव का कहना है कि इस उम्र में घरों में रहकर जब मन तंग हो जाता है तो कुछ देर के लिए ही सही सुस्ताने के लिए यहां हम लोग आते हैं। 1976 से यहां हमारी घुमक्कड़ी होती है। तेज धूप से लेकर कंपकंपाने वाली सर्दी में भी इस जगह पर आकर लोग सुकून महसूस करते हैं। डुसूब ने सजग फाउंडेशन और चेतना सोसायटी को यहां रखरखाव का जिम्मा दिया था, जिसे अब सरकार नष्ट करने को आमदा है।

17 ब्लाक आरडब्लूए अध्यक्ष सुरेश मिलन, उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद, 16 ब्लाक आरडब्लूए अध्यक्ष डा मुकेश और सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश असवाल कहते हैं कि ग्रीन बेल्ट पर होने वाले निर्माण से ब्लाक नौ से लेकर दस, 11, 12, 16, 17, 18 और कमोवेश पूरे त्रिलोकपुरी में चिंगारी फैलने वाली है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम बाबा साहब भीमराव आंबेडकर खेल परिसर के बगल में बनाए जा रहे इस निर्माण का विरोध सभी दलों के लोग एक साथ कर रहे हैं।

जब से लोगों ने यहां भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती देखी है और मेट्रो निर्माण का सामान आना शुरू हुआ है वे भी आर-पार के मूड में आ गए हैं। उनका कहना है कि 108 घर तो बहाना है। मेट्रो के अन्य निर्माण स्थलों से उजाड़े गए जाफराबाद और सीलमपुर के लोगों को यहां लाया जाएगा ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। तब हमारी स्थिति सिवाए यहां से पलायन के और कुछ नहीं बचेगा। एक आला पुलिस अधिकारी का कहना है कि दरअसल मामला कोर्ट के निर्देश पर है। मेट्रो के 108 फ्लैट बनाने में आ रही सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेवारी हमारी है। हम तीन शिफ्टों में तीन-तीन सौ पुलिस वालों को तैनात कर जहां एक तरफ मेट्रो निर्माण कर्मचारी को सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं वहीं स्थानीय लोगों को कानून हाथ में नहीं लेने के लिए समझा भी रहे हैं।

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