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योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने पर 500 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर सर्किट हाउस के बाहर दलित समुदाय के लोगों द्वारा काला झंडा लहराए जाने के मामले में मझोला थाने में 500 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

Author मुरादाबाद | May 22, 2017 3:52 PM
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर सर्किट हाउस के बाहर दलित समुदाय के लोगों द्वारा काला झंडा लहराए जाने के मामले में मझोला थाने में 500 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दलित समुदाय के लोगों ने दलितों पर हो रहे उत्पीड़न और सहारनपुर की घटना के विरोध में रविवार को सर्किट हाउस के गेट पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने काले झंडे लहराए थे और ‘योगी गो बैक’ के नारे लगाए थे। मुख्यमंत्री योगी रविवार को यहां मुरादाबाद के सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के लिए आए थे।

योगी के आगमन की सूचना पर रविवार सुबह से ही सर्किट हाउस के बाहर सैकड़ों लोगों का अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमावड़ा लग चुका था। लोग बैनर और प्रार्थना पत्र लेकर गेट पर जमे रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री से न मिल पाने के कारण कई बार हाइवे जाम करने की कोशिश की गई। हर बार पुलिस उन्हें समझा-बुझा कर जाम खुलवा दे रही थी।

इसी बीच, अंदर चल रही समीक्षा बैठक के दौरान सर्किट बाहर गेट पर अचानक दलित समाज के लोगों ने सहारनपुर के दलितों को मुआवजा और उन पर फर्जी मुकदमा लगाए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की, साथ ही योगी गो बैक के नारे लगाते हुए काले झंडे लहराने शुरू कर दिए थे। इस मामले में रविवार रात मझोला थाना में 500 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कैंट मुरादाबाद सीओ रईस अख्तर ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

वहीं दूसरी ओर ये भी खबर आ रही है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। योगी आदित्य नाथ अभी गोरखपुर से सांसद हैं और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 6 महीने के अंदर उन्हें उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सदस्य बनना होगा। योगी आदित्य नाथ 19 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, उन्हें 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना पड़ेगा। हिन्दी न्यूज़ चैनल एबीपी के मुताबिक बीजेपी और संघ के कुछ वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि योगी अयोध्या से विधानसभा का चुनाव लड़ें, ताकि बीजेपी लोगों को संदेश दे सके की पार्टी अभी भी हिन्दुत्व के एजेंडे पर कायम है। बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव में इस माहौल का इस्तेमाल अपने पक्ष में करना चाहती है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में हिन्दुओं की धर्मनगरी वाराणसी से चुनाव लड़कर पूरे देश में ऐसा ही मैसेज देने की कोशिश की थी, बीजेपी और संघ के नेता अब यही प्रयोग अयोध्या में दुहराना चाहते हैं।

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