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यूपी के सीतापुर में कुत्तों का आतंक, बीजेपी विधायक बोले- शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार

पिछले साल नवंबर और दिसंबर के दौरान कुत्तों के हमले से बच्चों की मौत होने की खबर सबसे पहले सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक अभी तक करीब 13 बच्चों की जानें जा चुकी हैं। ये घटनाएं सीतापुर जिले के कई गांवों में हो रही हैं।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कुत्तों ने आतंक बरपाया हुआ है। यहां पिछले कई महीनों में करीब 13 बच्चों की जानें जा चुकी हैं। कुत्तों के हमलों से लगातार हो रही मौतों के बाद प्रशासन अब अलर्ट हो चुका है और इस तरह की वारदात को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं रविवार को बीजेपी विधायक राकेश राठौर ने सीतापुर का दौरा किया। उन्होंने इन वारदातों में स्थानीय प्रशासन का बचाव करते हुए शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब दिसंबर और जनवरी में इस तरह के मामले सामने आए थे, तब अगर शीर्ष नेतृत्व कोई कदम उठाता तो आज स्थिति कुछ और होती।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राठौर ने कहा, ‘ये दोष ऊपर के नेतृत्व का है। नेतृत्व अगर उस समय चेता होता, जिस समय नवंबर में घटना हुई थी और जनवरी में हमने सवाल किया था। अगर नेतृत्व ने संज्ञान में ले लिया होता तो ये घटनाएं रुक जातीं। ये प्रशासन का दोष नहीं है, ये नेतृत्व की कमी है।’ इसके अलावा बीजेपी विधायक पुलिसकर्मियों के ऊपर भी भड़कते हुए दिखाई दिए।

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बता दें कि पिछले साल नवंबर और दिसंबर के दौरान कुत्तों के हमले से बच्चों की मौत होने की खबर सबसे पहले सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक अभी तक करीब 13 बच्चों की जानें जा चुकी हैं। ये घटनाएं सीतापुर जिले के कई गांवों में हो रही हैं। यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ऐसे ही एक गांव का दौरा किया था, जहां कुत्तों के हमले से बच्चों के मरने की खबर आई थी। सीएम ने पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की थी। योगी ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि वे इस बात का ध्यान रखें कि गांव का कोई भी बच्चा घर के किसी बड़े व्यक्ति के बिना बाहर न निकले। जिला मजिस्ट्रेट शीतल वर्मा ने जानकारी दी थी कि सीतापुर जिले के करीब 22 गांव में कुत्तों का आतंक छाया हुआ है। जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि बच्चे अधिकतर उस वक्त कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं, जिस वक्त वे शौच के लिए बाहर जा रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए इन गांवों को खुले में शौच करने से मुक्त करने का निर्देश भी दिया गया है।

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