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पंजाब में BSP का बड़ा बयान, कहा- BJP का साथ छोड़ दे शिरोमणि अकाली दल, हम कर लेंगे गठबंधन

मिशन 2019 को लेकर पंजाब में भी चुनावी हलचल तेज हो गई है। ऐसे में जहां पीडीए (पंजाब डेमोक्रेटिक एलायंस) बसपा (बहुजन समाज पार्टी) के साथ गठबंधन जाहिर कर रही है तो वहीं दूसरी ओर आप (आम आदमी पार्टी) भी पंजाब में गठजोड़ करने की कोशिश कर रही है।

Author February 13, 2019 6:01 PM
रणधीर सिंह बेनीवाल, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

मिशन 2019 को लेकर पंजाब में भी चुनावी हलचल तेज हो गई है। ऐसे में जहां पीडीए (पंजाब डेमोक्रेटिक एलायंस) बसपा (बहुजन समाज पार्टी) के साथ गठबंधन जाहिर कर रही है तो वहीं दूसरी ओर आप (आम आदमी पार्टी) भी पंजाब में गठजोड़ करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पंजाब में बसपा में थर्ड फ्रंट के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं बसपा का कहना है कि शिरोमणी अकाली दल के साथ गठबंधन तब हो सकता है जब वो भाजपा का साथ छोड़ दे।

इसलिए है गठबंधन के लिए बसपा सबसे सटीक: दरअसल इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पंजाब और चंडीगढ़ के इंचार्ज रणधीर सिंह बेनीवाल ने बताया कि आखिर क्यों बसपा की पंजाब में गठबंधन को लेकर सबसे अधिक मांग है। रणधीर ने बताया कि आप से गठबंधन को लेकर हमारी बातचीत हुई थी लेकिन वो बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची इसलिए फिलहाल आप के साथ किसी भी गठबंधन का कोई चांस नहीं है। इसके साथ ही मुझे काफी हैरानी होती है जब आप के नेता भगवंत मान और हरपाल सिंह चीमा मीडिया में बयान देते हैं कि उनकी बसपा से बातचीत हो रही है। अभी तक बहनजी (मायावती) की तरफ से भी ऐसी कोई सूचना मिली है। वहीं पीडीए के साथ भी अभी तक आधिकारिक गठबंधन नहीं हुआ है। हम भी पंजाब एखता पार्टी, लोक इंसाफ पार्टी, टकसाली और पंजाब मंच के बराबरी पर ही हैं। हालांकि जल्दी ही हम इसकी तारीख तय कर ऐलान कर देंगे।

सीटों पर अटकी थी बात: रणधीर ने बताया कि गठबंधन की बातचीत के दौरान कुछ सोच का अंतर देखने के मिल रहा था जो बाद में सुलझा लिया गया। पंजाब में लोकसभा की कुल 13 सीटें हैं और हमनें पांच सीटों की मांग रखी थी लेकिन हम चार पर भी तैयार थे। जिससे मसला सुलझ गया था। हम अपनी सीटों पर दमदार कैंडिडेट्स उतारेंगे जिससे पंजाब की तरक्की सुनिश्चित हो सके।

पंजाब में अच्छा नहीं है बसपा का रिकॉर्ड: पंजाब में बसपा के रिकॉर्ड पर रणधीर ने कहा कि हमारा ग्राफ पहले से सुधरा है। 2014 लोकसभा चुनाव में हमारी हिस्सेदारी वोटों में 1.5 प्रतिशत थी लेकिन पिछले साल हुए ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चुनावों में हमने 9 प्रतिशत सीट हासिल कीं। हमनें 91 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था जिसमें से 48 ने जीत हासिल की थी। हम न सिर्फ रूरल बल्कि अर्बन में भी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। पंजाब के करीब 23,400 बूथ्स पर हमारे 4-5 एक्टिव वर्कर्स काम कर रहे हैं।

बसपा का लोकसभा और विधानसभा रिकॉर्ड: पंजाब में बसपा के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के ग्राफ पर रणधीर ने बताया कि 70’s में हमारा गठबंधन शिरोमणी अकाली दल के साथ था। उस वक्त हमारे तीन सांसद थे, इसके साथ ही हमने कुछ विधानसभी सीटें भी जीती थीं। वहीं 1992-1996 के लोकसभा चुनावों में बसपा के दो कैंडिडेट्स, फिरोजपुर से मोहन सिंह फैलनवाला और होशियारपुर से कांशी राम जीत दर्ज कर चुके हैं।

किसी बड़ी पार्टी के साथ होगा बसपा का गठबंधन: किसी बड़ी पार्टी के साथ गठबंधन पर रणधीर ने कहा कि हम शिरोमणी अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं बशर्ते वो भाजपा से गठबंधन खत्म कर लें। चूंकि हम किसी ऐसी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर सकते जो दलित विरोधी पार्टी के साथ हो। वहीं कांग्रेस की नीतियां हमसे मेल नहीं खाती हैं, इसलिए हम पंजाब में उनके साथ भी नहीं दिखेंगे। वहीं आप के साथ हमारी बातचीत भी फेल हो चुकी है।

लोकसभा चुनावों के लिए तैयार है बसपा: आगामी चुनावों पर बसपा की रेटिंग के सवाल पर रणधीर ने कहा कि पंजाब में करीब 38 प्रतिशत वोट बैंक दलितों का है। इसके साथ ही हमारी पार्टी सभी के विकास के लिए खुली है। इस बार हम जरूर जीतेंगे।

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