बिहार में बंटी यादव हत्याकांड के बाद राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस हत्याकांड को लेकर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। बंटी यादव का शव बुरी स्थिति में शनिवार को पुलिस ने ढूंढ निकाला था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बंटी यादव ने मोहल्ले में चल रहे कथित देह व्यापार का विरोध किया था और इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद से ही वह इस रैकेट में शामिल अपराधियों के निशाने पर थे। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार यही हत्या का कारण भी माना जा रहा है।

क्या है घटनाक्रम?

कई महीनों से बंटी यादव कथित देह व्यापार का विरोध कर रहे थे और इसको लेकर शिकायत कर रहे थे। इसके बाद 6 जुलाई की देर रात बंटी यादव को अपराधियों ने अगवा किया था। बदमाशों ने पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित न्यू मार्केट इलाके से 6 जुलाई की रात को बंटी यादव का अपहरण किया था।

शनिवार यानी 11 जुलाई को बंटी यादव का शव अथमलगोला थाना क्षेत्र के सूर्यपूरा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक गड्ढे से बरामद किया गया। शव पूरी तरह से सड़ चुका था, चेहरा और हाथ गल चुका था, जबकि शव मिट्टी में दबा हुआ मिला। बंटी यादव के शव की पहचान परिजनों ने हाथ में बंधे कलवा, कड़ा और पैर में लगी राड के आधार पर की थी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।

क्या करता था बंटी?

बंटी कुमार की न्यू करबिगहिया कब्रिस्तान के पास एक किराने की दुकान थी। पास में ही उसके बैंड बाजे और फास्ट फूड का कारोबार भी था। करबिगहिया के पास ही देह व्यापार संचालित होता था, जिसका बंटी लगातार विरोध कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार 15 दिन पहले पुलिस की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी जिसमें इस हत्याकांड में आरोपित रवीश ने बंटी को पुलिस का मुखबिर बताया था और जान से मारने की धमकी दी थी।

उसके बाद इसकी शिकायत डायल 112 की टीम से की गई थी और रवीश को पुलिस पकड़ कर ले भी गई थी। हालांकि फिर थाने से छोड़ दिया गया। बंटी के अपहरण का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें साफ दिख रहा है कि 8 से 10 लोगों ने बंटी को पीछे से पकड़ा और उसे मारते पीटते हुए अपहरण कर लिया।

किन्नर के घर पर मारा-पीटा

पुलिस सूत्रों के अनुसार बंटी का अपहरण कर अपराधी उसे एक किन्नर के घर ले गए और वहां पर बंटी को बेरहमी से पीटा गया। जब बंटी की स्थिति अधमरे जैसी हो गई तो बदमाशों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद बदमाश शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे एक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ले गए और वहां पर उसे दफना दिया है।

कैसे मिला बंटी का शव?

पटना के कोतवाली क्षेत्र का यह मामला है और वहां पर सैकड़ो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके बाद भी पुलिस खुद से बंटी को नहीं खोज पाई। शुक्रवार से पटना में बारिश हो रही थी। बारिश अधिक होने के कारण शव के ऊपर पड़ी थोड़ी मिट्टी हट गई और शव का कुछ हिस्सा दिखाई देने लगा। शनिवार को कुछ युवक भैंस चरा रहे थे और उनकी नजर शव पर पड़ी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से क्या पता चला?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अपराधियों ने बंटी की हत्या करने के बाद उसकी पहचान छुपाने की भी कोशिश की थी। बंटी के दाहिने हाथ पर टैटू बना था, जिसे नुकीली वस्तु से गोदकर मिटा दिया गया था। वहीं प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि बंटी की बेरहमी से पीट कर हत्या की गई है। उसके चेहरे पर ईंट या पत्थर जैसी भारी वस्तु से कई बार वार किया गया था। चेहरे पर इस प्रकार से हमला किया गया कि आंख और नाक की पहचान करना मुश्किल हो गया। दाहिना हाथ एक तरीके से पूरी तरह से खत्म कर दिया गया था, केवल हड्डी बची थी।

हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने या शरीर में किसी छर्रे की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंटी को मारने से पहले गंभीर रूप से प्रताणित किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।

कितने गिरफ्तार?

बंटी कुमार के परिजनों ने 7 जुलाई को रवीश, रोहित, एक किन्नर सहित सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने अब तक इस मामले में रितेश, रवीश के भाई बजरंगी और ऑटो ड्राइवर रोहित को गिरफ्तार किया है। इस मामले का मुख्य आरोपी रवीश है और वह अभी भी फरार है।

तेजस्वी ने सम्राट को घेरा

घटना पर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, “पटना के करबिगहिया में सत्ता और पुलिस के संरक्षण में संचालित सेक्स रैकेट का विरोध करने पर 25 वर्षीय किराना दुकानदार बंटी कुमार का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से अपहरण किया गया। CCTV फुटेज में सब साफ साफ दिख रहा है लेकिन अपराधियों को दिशा-निर्देश देने वाली पुलिस ने उसे ढूंढने की बजाय परिजनों को ही डांटा। कल राजद के शिष्टमंडल ने अपहृत कारोबारी की पत्नी से मुलाकात की और टेलीफ़ोन पर वार्ता कराई। कल हमारे दबाव पड़ने पर पुलिस ने पटना ग्रामीण के अथमलगोला थाना क्षेत्र से उनका क्षत-विक्षत शव लाकर परिजनों को सूचना दी। स्पष्ट है कि पुलिस सब कुछ जान-पहचान रही थी।”

तेजस्वी ने आगे कहा, “स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सेक्स रैकेट चलाने वाले बेख़ौफ़ होकर कहते है कि मुख्यमंत्री आवास तक इस अनैतिक और काली कमाई का हिस्सा जाता है। बड़बोले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बताए कि ऐसे अपराधियों और सिंडिकेट के सरगना कौन है? बिहार के लोग जानते है कि विगत दिनों में बीजेपी सरकार बनने के बाद पटना जंक्शन के आस-पास बड़ी संख्या में सेक्स रैकेट पनप रहे है? इसी क्षेत्र में सरकार के एक भाजपाई मंत्री का भी आवास है और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते है। बेगुनाहों का झूठा एनकाउंटर करवाने वाले बड़बोले मुख्यमंत्री शराब माफियाओं, सेक्स रैकेट चलाने वालों और बदमाशों के गैंग से डरते क्यों है? सत्ता शीर्ष में बैठे लोगों की इन देह व्यापारियों से क्या सांठ-गांठ है जो उन्हें बचाने में सारी ऊर्जा लगाए हुए है?”

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