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पठानकोट आतंकी हमला: झूठ पकड़ने वाली मशीन से हुई सलविंदर की जांच

पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर 80 घंटे तक चले दुस्साहसिक आतंंकवादी हमले की एनआइए जांच के सिलसिले में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर सिंह से पांच दिन की पूछताछ के बाद मंगलवार को उनकी पोलीग्राफ जांच की गई।

Author नई दिल्ली | January 20, 2016 02:33 am
पठानकोट आतंकी हमले के सिलसिले में आइएनए सिंह की जांच कर रही थी और झूठ पकड़ने वाली मशीन (लाई डिटेक्टर) और अन्य परीक्षण में उनके खिलाफ कुछ प्रतिकूल नहीं मिला। (फाइल फोटो)

पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर 80 घंटे तक चले दुस्साहसिक आतंंकवादी हमले की एनआइए जांच के सिलसिले में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर सिंह से पांच दिन की पूछताछ के बाद मंगलवार को उनकी पोलीग्राफ जांच की गई। गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) पद से हटाए जाने के बाद सिंह वर्तमान में पंजाब सशस्त्र पुलिस की 75वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट पद पर तैनात हैं। सिंह तब पोलीग्राफ जांच के लिए तैयार हुए थे जब एनआइए ने निर्दिष्ट अदालत को सिंह के बयानों में कथित विसंगतियों के बारे में बताया था।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सिंह से सेंट्रल फोरेंसिक एंड साइंटीफिक लेबोरेटरी के विशेषज्ञों की एक टीम पूछताछ कर रही थी और पूछताछ बुधवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सिंह से पूछताछ इसलिए की जा रही है ताकि 31 दिसंबर की रात पाकिस्तान के जैशे मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा अपहरण किए जाने के बाद हुए घटनाक्रम का पता लगाया जा सके। तब हैरानी हुई थी जब सिंह ने कहा था कि उन्हें और रसोइये को छोड़ दिया गया था जबकि उनके साथ सफर कर रहे उनके एक मित्र राजेश वर्मा को आतंकवादियों ने बीच रास्ते में लहुलूहान छोड़ दिया था।

एनआइए के एक अधिकारी ने कहा, ‘हम सही घटनाक्रम का पता लगाना चाहते हैं ताकि जांच सही दिशा में आगे बढ़ सके।’ इसके साथ ही सिंह का वह बयान भी कथित तौर पर असत्य पाया गया कि वह एक दरगाह से लौट रहे थे जहां अक्सर जाते हैं। एनआइए ने दरगाह के सेवादार सोमराज से भी पूछताछ की जिसने जांच एजंसी को बताया कि पुलिस अधिकारी पहली बार दरगाह आए थे। आतंकवादियों ने वायुसेना स्टेशन पर एक जनवरी की रात हमला किया था। तीन दिन चली मुठभेड़ में सात जवान शहीद हो गए थे और छह आतंकवादी मारे गए थे।

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